ट्रैक पर लोगों का हुजूम देख लगाई थी एमरजेंसी ब्रेक : डी.एम.यू. ड्राइवर


नई दिल्ली, 21 अक्तूबर (इंट) : अमृतसर में जोड़ा फाटक के पास दशहरे के दिन हुए हादसे में ट्रेन के ड्राइवर ने अपना बयान दिया है। जिस ट्रेन से हादसा हुआ उसे अरविंद कुमार चला रहे थे। अरविंद ने हादसे वाले दिन ट्रेन का चार्ज लेने से लेकर हादसे के बाद का पूरा घटनाक्रम पत्र लिख बताया है। उन्होंने यह भी बताया कि हादसे के बाद उनकी ट्रेन रूकने की स्थिति में आ गई थी लेकिन अचानक लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। ऐसे में ट्रेन यात्रियों सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ड्राइवर ने वहां ट्रेन नहीं रोकी। अरविंद ने बताया कि मैंने 19 अक्तूबर को शाम 5 बजे ट्रेन नंबर डीपीसी 11091 का चार्ज लिया और जालंधर के प्लेटफॉर्म 1 से 5:10 पर लेकर चला। शाम 6:44 बजे मानांवाला पहुंचकर 6:46 बजे येलो सिग्नल और ग्रीन सिग्नल मिलने पर अमृतसर के लिए चला। मानांवाला और अमृतसर के बीच गेट सं 28 का डिस्टेंट और गेट सिग्नल ग्रीन पास किया। इसके बाद गेट सं 27 के अंतराल और दोनों गेट सिग्नल को डबल येलो में लगातार हॉर्न बजाते हुए पास किया। घटनास्थल के करीब पहुंचने पर अरविंद बताते हैं। जैसे ही गाड़ी सं. के.एम.नं. 508/11 के आसपास पहुंची तो सामने से गाड़ी संख्या 13006 डीएन आ रही थी। अचानक लोगों का हुजूम ट्रैक के पास दिखाई दिया तो मैंने तुरंत हॉर्न बजाते हुए एमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। एमरजैंसी ब्रेक लगाने पर भी मेरी गाड़ी की चपेट में कई लोग आ गए। गाड़ी की स्पीड लगभग रुकने के करीब थी तो बड़ी संख्या में लोगों ने मेरी गाड़ी पर पथराव शुरू कर दिया। मैंने मेरी गाड़ी में बैठी सवारियों की सुरक्षा को देखते हुए ट्रेन को आगे बढ़ाया और होम सिग्नल की स्थिति में अमृतसर स्टेशन पर आ गया। इसकी सूचना मैंने सभी संबंधित अधिकारियों को भी दे दी।