रेलवे सेफ्टी कमिश्नर द्वारा अमृतसर हादसे की जांच शुरू


अमृतसर, 4 नवम्बर (गगनदीप शर्मा) : अमृतसर में हुए दर्दनाक रेल हादसे की जांच आज रेलवे के सेफ्टी कमिश्नर एस.के पाठक द्वारा शुरू कर दी गई है। पहले दिन उत्तरीय रेलवे वर्कशाप, जी.टी रोड पुतलीघर में रेल कर्मचारियों सहित कुल 22 लोग जांच कमेटी के समक्ष पेश हुए। इसके अलावा शाम के समय हादसाग्रस्त डी.एम.यू टे्रन का अमृतसर से मानांवाला तक ट्रायल भी लिया गया। इस मौके पर रेलवे हैडक्वार्टर बड़ौदा हाउस की चीफ सेफ्टी अधिकारी सीमा कुमारी भी मौजूद थीं। जांच कमेटी ने सबसे पहले हादसे वाली जगह जौड़ा फाटक का जायजा लिया और फिर सभी पहलुओं की जांच की। फिर उसके बाद पुतलीघर स्थित रेलवे वर्कशाप में आकर सम्बन्धित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। शाम करीब 4.00 बजे उत्तरी रेलवे के चीफ लोक संपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने मीडिया के साथ बातचीत करते हुए बताया कि जिन कर्मचारियों को बयान देने के लिए बुलाया गया था, के बयान लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग इस हादसे बारे किसी प्रकार की कोई जानकारी सेफ्टी कमिश्नर को देने के इच्छुक हैं, वह कल सोमवार को वर्कशाप पहुंच कर अपनी बात सामने रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि चीफ सेफ्टी कमिश्नर रेलवे के अधीन नहीं है बल्कि वह शहरी हवाबाजी विभाग के अधीन है और वह अपनी रिपोर्ट रेलवे के साथ-साथ शहरी हवाबाजी मंत्रालय को सौंपेगे। इसके अलावा उन्होंने और किसी भी तरह की जानकारी देने से इंकार कर दिया। पहले दिन की जांच शाम करीब 6.00 बजे तक जारी रही। उपरांत सेफ्टी कमिश्नर एस.के पाठक अन्य अधिकारियों को साथ लेकर अमृतसर रेलवे स्टेशन पहुंच गए। जहां उन्होंने डी.एम.यू रेलगाड़ी के साथ अमृतसर से मानांवाला और फिर मानांवाला से अमृतसर रेलवे स्टेशन तक का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने हादसे वाली जगह जौड़ा फाटक का डी.एम.यू रेलगाड़ी में बैठकर जांच-पड़ताल की। रेलगाड़ी में दौरा करने के बाद ‘अजीत समाचार’ के संवाददाता के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने रिपोर्ट आने से पहले ही कह दिया कि पहली नजर में दशहरे वाले दिन घटे भयानक रेल हादसे में रेलवे विभाग व ड्राइवर की कोई गलती नहीं है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने ड्राइवर के साथ डी.एम.यू रेलगाड़ी में हादसे वाली जगह से गुजरे तो रेलगाड़ी की रफ्तार उतनी ही थी जितनी हादसे के वक्त थी। उन्होंने बताया कि शुरूआती जांच की रिपोर्ट एक महीने अंदर-अंदर रेलवे को सौंप दी जाएगी और इसके बाद विस्तारपूर्वक जांच 6 महीनों के अंदर करके उसकी रिपोर्ट हवाई मंत्रालय व प्रैस ब्यूरो ऑफ इंडिया को सौंपी जाएगी। वहीं दूसरी ओर सेफ्टी कमिश्नर एस.के पाठक से जब यह पूछा गया कि जिस तरह पंजाब सरकार द्वारा करवाई जा रही जांच में कैबिनट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू तथा उनकी धर्मपत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को भी शामिल होने के लिए सम्मन भेजे गए थे, क्या वह भी सिद्धू दंपति को जांच में शामिल करेंगे तो आगे से उनका जवाब था कि उन्हें फिलहाल तो कोई नोटिस जारी नहीं किया गया।