गड़करी ने दिल्ली-अमृतसर-कटरा नैशनल हाईवे एक्सप्रेस प्रोजैक्ट का टेंडरिंग कार्य शुरू करवाया 


अमृतसर, 5 नवम्बर (राजेश कुमार) :  दिल्ली-अमृतसर-कटरा हाइवे के बनने से पंजाब के विकास के लिए नया स्वर्णिम द्वार खुलेगा और अमृतसर से कटरा व अमृतसर से दिल्ली की दूरी भी आसान हो जायेगी। 60,000 करोड़ की लागत से बनने वाले अमृतसर से मोगा, बरनाला, जींद के रास्ते दिल्ली तक नैशनल एक्सप्रेस हाईवे की टैंडरिंग आखरी चरण में है। उपरोक्त शब्द प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद श्वेत मलिक ने केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से दिल्ली स्थित कार्यालय में मुलाकात करने के बाद अमृतसर लौट कर प्रत्रकारों से बातचीत के दौरान कहे। उन्होंने बताया कि अमृतसर, मोगा, बरनाला, जिंद, दिल्ली एक्सप्रैस हाइवे को तेजी से कार्य को पूरा करने के दिये निर्देश व अमृतसर जालन्धर 6 लेन हाईवे के लिए उनका आभार जताया। मलिक ने इस परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सबसे पहले 2016 में इस हाइवे के कागजों में दफन हुए प्रोजेक्ट के बारे चर्चा करने के लिए गडकरी से मिले। मलिक ने इस विषय को सांसद मे भी उठाया। इस विषय को गंभीरता से लेते हुए परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के आधार पर करवाने के निर्देश दिए और अगली नैशनल कौंसिल की बैठक में इस प्रोजेक्ट को एजंडे में रखा गया। जिससे कि इस प्रोजेक्ट पर तेजी से कार्य होना आरंभ हो गया।मलिक ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के पूरा हो जाने का एक लाभ होगा कि अमृतसर से दिल्ली की दूरी कम होगी साथ ही अमृतसर से कटरा की दूरी भी कम हो जायेगी। इस हाइवे पर 6 लेन रोड बनेगी जिससे कि वाहन न्यूनतम 120 किलोमीटर की गति दौडेंगे। मलिक ने बताया कि इस हाईवे का पंजाब के साथ-साथ हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर इन चार राज्यों के साथ-साथ देश की सशस्त्र सेना को भी लाभ मिलेगा। मलिक ने बताया कि इस हाईवे को एक तरफ  जहाँ दिल्ली से जोडा जाएगा, वहीं दूसरी तरफ  अमृतसर, गुरदासपुर से सड़क निकलेगी।  सीधे जम्मू बाईपास से होते हुए कटरा तक जाएगी। जिससे अमृतसर व दिल्ली अब एक्सप्रेस हाईवे के माध्यम से कटरा भी जुड जाएगा और वैष्णों देवी जाने वाले यात्रियों को लाभदायक सुविधा मिलेगी। मलिक ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से अमृतसर से दिल्ली के बीच की दूरी 130 किलोमीटर कम हो जायेगी और 4 घंटो में ही दिल्ली व तीन घंटो में जम्मू पहुँचा जाएगा। मलिक ने बताया कि यह प्रोजेक्ट अब टेंडरिंग स्टेज पर पहुँच चुका है, और इसके लिए भूमि अधिकरण की प्रतिक्रिया आरंभ हो चुकी है। मलिक ने बताया कि तीनों राज्यों के मुख्यमंत्री व जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल इस प्रोजेक्ट के बारे में आपस मे सम्पर्क में है। ताकि इस प्रोजेक्ट को कम से कम समय मे पूरा किया जा सके।