सेंसेक्स 79 अंक फिसला, निफ्टी 13 अंक टूटा


मुम्बई, 9 नवम्बर (वार्ता): विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच आईटी और टेक समूहों में हुई बिकवाली के दबाव में शुक्रवार को बीएसई 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 79.13 अंक फिसलकर 35,158.55 अंक पर और एनएसई का निफ्टी 13.20 अंक की गिरावट के साथ 10,585.20 अंक पर बंद हुआ। डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा के मजबूत होने से शुरूआत में निवेश धारणा सकारात्मक रही जिसके दम पर सेंसेक्स गत दिवस की तुलना में तेजी के साथ 35,258.13 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 35,287.29 अंक के दिवस के उच्चतम स्तर तक पहुंचा लेकिन भारती एयरटेल, इंफोसिस और टीसीएस जैसी दिग्गज कंपनियों में हुई बिकवाली के दबाव में 35,011.23 अंक के दिवस के निचले स्तर तक लुढ़क गया। रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारती एयरटेल को रेटिंग घटाने की समीक्षा सूची में रखा है जिससे आज सेंसेक्स में सबसे खराब प्रदर्शन इसी का रहा। मूडीज ने पूंजीप्रवाह संकट,प्राइस वार और लाभ में कमी का हवाला देते हुये भारती एयरटेल को इस सूची में डाला है। सेंसेक्स अंतत: गत दिवस की तुलना में 0.22 प्रतिशत की गिरावट में 35,158.55 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की 30 में से 17 कंपनियां हरे निशान में और शेष 13 लाल निशान में रहीं। निफ्टी भी तेजी के साथ 10,614.70 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 10,619.55 अंक के दिवस के उच्चतम और 10,544.85 अंक के दिवस के निचले स्तर से होता हुआ गत दिवस की तुलना में 01.2 प्रतिशत की गिरावट में 10,585.20 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी की 50 में से 22 कंपनियां गिरावट में रहीं जबकि 28 में तेजी रही। विश्लेषकों के मुताबिक शेयर बाजार आज अधिकतर विदेशी बाजारों का असर हावी रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने गुरुवार को समाप्त हुई बैठक में ब्याज दर यथावत रखने की घोषणा की लेकिन साथ ही उसने दिसंबर में ब्याज दर बढाने के संकेत दे दिये। ब्याज दर बढ़ने की स्थिति में निवेशकों का रुझान शेयर बाजार में घट जाता है। दिग्गज कंपनियों के विपरीत छोटी और मंझोली कंपनियों ने निवेशकों को आकर्षित करने में कामयाब रहीं। बीएसई का मिडकैप 0.66 प्रतिशत यानी 97.36 अंक की तेजी में 14,944.20 अंक पर और स्मॉलकैप 0.58 प्रतिशत यानी 85.13 अंक की बढ़त में 14,671.85 अंक पर बंद हुआ। बीएसई में कुल 2,679 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ जिनमें 142 कंपनियों के शेयरों के भाव दिन भर के उतार-चढाव के बाद अपरिवर्तित बंद हुए जबकि 1,337 में तेजी और 1,200 में गिरावट रही। विदेशी बाजारों में गिरावट का रुख रहा। यूरोपीय बाजार में ब्रिटेन का एफटीएसई 0.55 और जर्मनी का डैक्स 0.40 प्रतिशत की गिरावट में रहा।