कश्मीरी युवकों को आतंकी बनने से रोकना मुख्य उद्देश्य : रावत


पठानकोट, 12 नवम्बर (भाषा/चौहान/भारत भूषण डोगरा) : थलसेना प्रमुख बिपिन रावत ने सोमवार को कहा कि सरकार की नीति है कि कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले लोगों को निष्प्रभावी कर दिया जाना चाहिए वहीं सेना का ध्यान यह सुनिश्चित करने पर है कि कश्मीरी युवक आतंकवाद से नहीं जुड़ें। थलसेना प्रमुख ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पार से घुसपैठ जारी है। सरकार की स्पष्ट नीति है कि वह आतंकवादियों को हिंसा की अनुमति नहीं देगी। जो कोई हिंसा में शामिल होता है, उसे निष्प्रभावी किया जाएगा। दो दिवसीय यात्रा पर पठानकोट आए रावत ने यहां दिव्यांग सैनिकों के एक सम्मेलन की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि घाटी में हमारा ध्यान आतंकवादियों पर है। सेना का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युवक आतंकवाद से नहीं जुड़ें। रावत ने कहा कि सेना का तरीका यह है कि वह युवक के परिवार से संपर्क करती है और उनसे कहती है कि वे युवक को आत्मसमर्पण करने के लिए कहें। सेना उन्हें एक मौका दे रही है। अगर इसके बाद भी लोग नहीं सुधरते और हिंसा में शामिल रहते हैं तो उन्हें निष्प्रभावी बनाने का विकल्प ही हमारे पास बचता है। यह पूछे जाने पर कि क्या भारत पाकिस्तान के साथ ‘जैसे को तैसा’ की नीति का अनुसरण कर रहा है, रावत ने कहा कि नीति बदलती रही है। हमें नीति बदलते रहना है... हमने कुछ अलग करना जारी रखा है। इसकी समीक्षा होनी चाहिए ताकि हम प्रतिद्वंद्वी से आगे रह सकें।॑ उन्होंने कहा कि भारतीय सेना नियंत्रण रेखा पर क्या कर रही है, इसे सार्वजनिक नहीं किया जाता और वे पाकिस्तान से ज्यादा प्रयास कर रहे हैं। हम अपनी प्रशंसा खुद नहीं करते। वे जब भी कुछ करते हैं, तो उन्हें उचित जवाब दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी हमारे लोग हैं। हमें उनकी देखभाल करनी है। इसके पूर्व भारतीय सेना द्वारा वर्ष 2018 को ‘दिव्यांग सैनिकों का वर्ष कर्तव्य की राह’ में मामून मिलिट्री स्टेशन के खुले स्टेडियम में मेजर जनरल एसके राजदान (विशिष्ट सेना मैडल) जीओसी 29 इन्फेंट्री डिवीज़न की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। जनरल बिपिन रावत मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए जबकि सेना की पश्चिमी कमान के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह और सेना उत्तरी कमान के जीओसी वाई वी मोहन विशेष अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरआत राष्ट्रीय गान के साथ हुई, जिसमें एएलएच (एडवांस लाईट हेलीकॉप्टर) ने फ्लाई पास्ट किया। जनरल बिपिन रावत ने दिव्यांग सैनिकों व सेवाकृत सेना कर्मियों एवं उनके परिवारों को सम्बोधित किया। उसके बाद जनरल रावत ने दिव्यांग सैनिकों से बातचीत की और उनको सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल, दिल्ली और चंडीगढ़ के 500 से अधिक दिव्यांग सैनिक अपने परिवारों के साथ भाग लिया। इस कार्यक्रम में 3 परमवीर चक्र विजेता और खिलाड़ियों ने ब्रांड एम्बेसडर के रुप में भाग लिया।