लौंगोवाल एस.जी.पी.सी. के पुन: प्रधान निर्वाचित



राजेश कुमार शर्मा
अमृतसर, 13 नवम्बर : शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान पद के लिए भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल को सर्वसम्मति से पुन: चुन लिया गया। इसके साथ ही अन्य पदाधिकारियों व अंतरिंग कमेटी के 11 सदस्यों की भी नियुक्ति की गई। आज दोपहर करीब 1 बजे शिरोमणि कमेटी के तेजा सिंह समुंद्री हाल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया में चुनाव की कार्यवाही शुरू की गई जिसमें श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह, तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह, तख्त श्री पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह, श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य गं्रथी सिंह साहिब ज्ञानी जगतार सिंह, श्री अकाल तख्त साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह शामिल हुए। अरदास उपरांत चुनाव की कार्यवाई शुरू हुई। सर्वप्रथम प्रधान भाई लौंगोवाल द्वारा शोक संदेश पढ़ा गया। इसके बाद प्रधान पद के लिए स्त्री अकाली दल की प्रधान व पूर्व एसजीपीसी प्रधान बीबी जगीर कौर द्वारा भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल का नाम सभा में पेश किया गया जिसका जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ तथा अलविंदर पाल सिंह पखोके द्वारा पूर्ण समर्थन किया गया। उपस्थित सभी सदस्यों द्वारा हाथ खड़े करके जयकारों के साथ भाई लौंगोवाल को प्रधानगी पद के लिए चुन लिया गया। इसी प्रकार सदस्य स. गुरमेल सिंह द्वारा सी. उपप्रधान के लिए रघुजीत सिंह विर्क के नाम को पेश किया गया जिसका समर्थन गुरिंदरपाल सिंह गोरा हल्का बटाला ने समर्थन किया। 
जूनियर उपप्रधान के लिए गुरप्रीत सिंह द्वारा बिकर सिंह चानो के नाम को पेश किया गया जिसका सदस्य स. गुरचरण ंिसंह ग्रेवाल हल्का जगराओ द्वारा समर्थन किया गया। वहीं महासचिव के पद के लिए स. मनजीत सिंह भिखीविंड द्वारा जत्थेदार गुरबचन सिंह कर्मूवाल के  नाम को पेश किया गया जिसका समर्थन स. प्रीतम सिंह द्वारा किया गया। इसके साथ ही उक्त सभी पदाधिकारियों को सर्वसम्मति से चुन लिया गया। इसके  अलावा अंतरिंग कमेटी के 11 सदस्यों के  नामों को भाई लौंगोवाल के आदेश पर बीबी जगीर कौर द्वारा पेश किया गया जिनमें बाबा गुरमीत सिंह, भुपिंदर सिंह पहलवान, स. जरनैल सिंह करतारपुर, स. जगजीत सिंह तलवंडी, खुशविंदर सिंह भाटिया, भाई मनजीत सिंह, अमरीक सिंह विछोआ, शिंगारा सिंह लोहिया, बीबी जसबीत कौर जफरवाल, जत्थेदार तारा सिंह, स. अमरीक सिंह को अंतरिंग कमेटी के नये सदस्य चुना गया। इनके नामों का समर्थन गुरिन्द्र सिंह गोरा तथा सुरजीत सिंह द्वारा किया गया। इस मौके पर सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह, ज्ञानी जगतार सिंह आदि ने प्रधान भाई लौंगोवाल व अन्य पदाधिकारीयों व अंतरिंग कमेटी सदस्यों को सिरोपें भेंट कर सम्मानित किया।
लुधियाना से सदस्य बैंस ने किया बहिष्कार : शिरोमणि कमेटी के जरनल हाऊस की बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे लुधियाना से सदस्य बलविंदर सिंह बैंस ने अचानक हाऊस में चुनाव कार्यवाही शुरू करने से पहले श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हुई बेअदबियों, बरगाड़ी कांड आदि के मामलों पर बहस करवाने की मांग की। इस दौरान बीबी जगीर कौर द्वारा कई बार बैस को चुप रहने और चुनावी प्रक्रिया पूरी होने का वास्ता दिया जिसके बाद वे जनरल हाऊस की बैठक का बहिष्कार कर बाहर चले गए। 
बैंस ने कहा कि अकाली दल की सत्ता दौरान पंजाब में श्री गुरु ग्रंथह्य साहिब की कई जगहों पर बेअदबियां हुई और बेकसूर नौजवान सिखों को शहीद भी किया गया लेकिन आरोपियों के खिलाफ अभी तक कोई कार्यवाहीं नहीं की गई। उन्होने आरोप लगाया कि बादल परिवार को बचाने के लिए शिरोमणि कमेटी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को दाव पर लगा दिया है। 
बीबी किरनजोत कौर से छीना माईक : शिरोमणि कमेटी के जरनल हाऊस की बैठक में पहुंची सदस्य बीबी किरनजोत कौर जब अपने विचार व्यक्त करने लगी तो उनसे अचानक दमदमी टकसाल से पहुंचे संत चरणजीत सिंह ने माईक छीन लिया। इस कार्यवाही पर बोलते हुए बीबी किरनजोत कौर ने कहा कि यह हाऊस की बैठक के नियमों के विपरित है। उन्होने कहा कि अगर कोई अपनी राय या सुझाव पेश करना चाहता है तो उसको यह पूरा अधिकार है लेकिन आज जो गुरु साहिब की हजूरी में उनके साथ किया गया है उसकी वह निंदा करते हैं। 
शिरोमणि अकाली दल से संबंधित 153 सदस्य हुए शामिल : शिरोमणि कमेटी के जनरल हाऊस दौरान शिरोमणि अकाली दल से संबंधित 153 सदस्यों ने हिस्सा लिया जिन्होने प्रधान सहित अन्य पदाधिकारीयों और अंतरिंग क मेटी के चुने सदस्यों को अपना समर्थन दिया। इस बैठक में जत्थेदार तोता सिंह, जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़, बीबी जगीर कौर, प्रो. किरपाल सिंह बंडूगर, बलविंदर पाल सिंह पखोके व अन्य मौजूद थे।
सिखी का प्रचार-प्रसार मेरी प्राथमिकता : लौंगोवाल
शिरोमणि कमेटी के दूसरी बार प्रधान बने भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उनको जो पुन: सेवा सौंपी गई है उसके लिए वह प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल व तमाम समर्थकों का धन्यवाद करते हैं। उन्होने कहा कि सिखी के प्रचार-प्रसार व अन्य गंभीर मसलों को पहल के आधार पर हल करवाना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होने बताया कि गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव को शिरोमणि कमेटी द्वारा पूरे उत्साह व श्रद्धा के साथ मनाने की तैयारियां हो रही है और वे प्रत्येक धर्म व वर्ग के लोगों को इस महान पर्व पर शामिल होने की अपील भी करते है। करतारपुर कॉरीडोर संबंधी पूछे सवाल के जवाब में उन्होने कहा कि हर सिख अपने गुरु धाम के दर्शन दीदार करने का इच्छुक है इसलिए वे केन्द्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करते हैं और वे चाहते हैं कि 550वें प्रकाशोत्सव पर यह मांग पूरी हो। इसके बाद भाई लौंगोवाल ने पदाधिकारियों व सदस्यों के साथ श्री हरिमंदिर साहिब व श्री अकाल तख्त साहिब में नतमस्तक होकर वाहेगरु का शुक्राना किया। 
जनरल हाऊस में पारित किए गए प्रस्ताव 
शिरोमणि कमेटी के जरनल हाऊस दौरान एक प्रस्ताव द्वारा श्री गुरु नानक देव जी के 2019 में आ रहे 550 वर्ष प्रकाशोत्सव को शिरोमणि कमेटी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की वचनबद्धता को दोहराया गया। प्रधान भाई लौंगोवाल ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि वे पंजाब सरकार व केन्द्र सरकार से अपील करते हैं कि इस महान प्रकाशोत्सव को एक मंच पर धूमधाम के साथ मनाया जाये। बैठक में पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के रास्ते को खोलने की मांग भी की गई। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की दुखदायी घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए पंजाब तथा केन्द्र सरकार से आरोपियों खिलाफ सख्त कार्यवाहीं की मांग की गई। एक प्रस्ताव द्वारा देश की अलग-अलग जेलों में बंद सज़ा भुगत चुके सिखों को रिहा करने की मांग की गई। इसी प्रकार बैठक में जून 1984 व नवम्बर 1984 की घटनाओं के आरोपियों को सजाएं देने, सिख रैंफरैंस लाईब्रेरी में उठाये गए बहुमूल्य खज़ाने को केन्द्र सरकार द्वारा वापिस करने, विदेशों में सिखों पर हो रहे हमलों के लिए उचित कदम उठाने, फिल्मों व टीवी आदि में सिख पात्रों को मजाकियां लहजे में पेश करने के खिलाफ कार्यवाही करने व फिल्म सैंसर बोर्ड में शिरोमणि कमेटी के एक नुमाइंदे को शामिल करने की मांग की गई। इसी प्रकार पंजाब की कांग्रेस सरकार द्वारा पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के 12वीं कक्षा के पाठ्यक्रम की पुस्तक मे गुर इतिहास व सिख इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने संबंधी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह को माफी मांगने, शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लेने व संबंधित व्यक्तियों खिलाफ कानूनी कार्यवाहीं करने की मांग की गई।