अब प्रात:कालीन सेवा में भी हो सकेंगे फूल बंगले के दर्शन

मथुरा, 2 दिसम्बर (वार्ता) : इलाहाबाद उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद श्रद्धालुओं अब वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर में नियमित रूप से प्रात:कालीन सेवा में भी फूल बंगले में विराजमान ठाकुर जी के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर के राजभोग सेवा अधिकारी ज्ञानेन्द्र गोस्वामी ने बताया कि अभी तक मंदिर में फूल बंगला बनाने की परम्परा चैत्र मास की एकादशी से सावन की अमावस्या तक केवल शयन भोग सेवा यानी शाम की सेवा में ही थी। फूल बंगले बहुत अधिक भव्य बनते हैं। श्रद्धालुओं का इनके प्रति जबरदस्त आकर्षण रहता है। फूल बंगले के दौरान मंदिर में बहुत अधिक भीड़भाड़ हो जाती है और दर्शन करना एक चुनौती बन जाता है। बंगले में बेला, चमेली, मोंगरा और कभी कभी तो विदेशी ऐसे पुष्पों का प्रयोग किया जाता है जिससे ठाकुर को शीतलता मिले। जो श्रद्धालु किसी कारण शाम को मंदिर में नहीं पहुंच पाते थे वे ठाकुर की फूल बंगला सेवा से वंचित हो जाते थे। उन्होंने बताया कि इस परेशानी को दूर करने के लिए लगभग 16 साल पहले मंदिर के सेवायत देवेन्द्र गोस्वामी ने सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में प्रार्थना-पत्र देकर राजभेग सेवा यानी सुबह की सेवा में फूलबंगला बनाने की अनुमति देने का अनुरोध किया था। उस समय प्रबंधक एवं रिसीवर की संस्तुति पर सुबह भी फूल बंगला बनाने की इजाजत 23 दिसम्बर 2002 को दे दी गई थी। कुछ दिन फूल बंगले बने भी थे, लेकिन शयनभोग के सेवाधिकारी गौरव गोस्वामी ने उस समय मुंसिफ मथुरा के आदेश के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश ले लिया था।