राज्य से 2.11 लाख करोड़ का ऋण कैसे उतरेगा कोई योजना नहीं : प्रो. घुम्मण


चंडीगढ़, 6 दिसम्बर (अजायब सिंह औजला): पंजाब की आर्थिक, सामाजिक, सभ्याचारक व राजनीतिक खस्ता हालत पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पंजाब विचार फोरम के सदस्यों द्वारा आज चंडीगढ़ में एक पत्रकार सम्मेलन में पंजाब के विभिन्न गर्माते मुद्दों पर बात की गई। पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए पंजाब विचार फोरम के कन्वीनर प्रो. रणजीत सिंह घुम्मण ने कहा कि पंजाब पर 2.11 लाख करोड़ का ऋण है, यह कैसे उतरेगा इस संबंधी सरकार द्वारा कोई योजना नहीं बनाई गई, इसलिए यह ज़रूरी हो गया है कि सरकार को कोई पालिसी सामने लाने की ज़रूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की निवेश करने की समर्था व औद्योगिक विकास करने की भी ज़रूरत है। इसके साथ ही पंजाब के 20-25 लाख बेरोज़गार नौजवानों के लिए रोज़गार के बड़े अवसर पैदा करने की ज़रूरत है जो गैर-कृषि क्षेत्र, ग्रामीण क्षेत्र, कृषि आधारित उद्योग लगाकर ही सम्भव हो सकते हैं। इस अवसर पर प्रो. रणजीत सिंह घुम्मण ने यह भी कहा कि स्टेट को आर्थिक साधन बढ़ाने की ज़रूरत है। पंजाब को रास्ते पर लाने के लिए टैक्सों, कलैक्शन, रेता बज़री, ट्रांसपोर्ट व अन्य साधनों द्वारा लाने के प्रयास करने चाहिएं। इसी दौरान सतनाम सिंह माणक का कहना था कि पंजाब के सामाजिक, सभ्याचारक, राजनीतिक, आर्थिक क्षेत्र में सर्वपक्षीय गिरावट आ चुकी है जिससे हमारी नौजवान पीढ़ी किसी न किसी ढंग से अपना जुगाड़ कर विदेशों में खास कर कैनेडा, आस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, जर्मनी आदि देशों में जाने लगी है, जिससे पंजाब की पूंजी विदेशों में बड़ी मात्रा में जा रही है। इस पत्रकार सम्मेलन में इन सदस्यों द्वारा यह बात भी की गई कि पंजाब की आर्थिक दशा खस्ता हो रही है। कृषि गंभीर हालत में है, किसान व मज़दूर आत्महत्याएं कर रहे हैं, उद्योग की स्थिति भी खस्ता है, बेरोज़गारी दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। इस अवसर पर पंजाब विचार फोरम के सदस्यों में प्रो. रणजीत सिंह घुम्मण व सतनाम सिंह माणक के अतिरिक्त प्रो. आर.एस. बराड़, डा. लखविन्द्र सिंह जौहल, डा. अमर सिंह आज़ाद, प्रो. जगरूप सिंह सेखों, सरबजीत धालीवाल, गुरचरन सिंह सिद्धू व प्रो. पी.के. शर्मा आदि शख्सियतों द्वारा भी शिरकत की गई।