नीलम व जेहलम नदियों पर शुरू किए प्रोजैक्ट को लेकर विरोध जारी


अमृतसर, 11 जनवरी (सुरिन्दर कोछड़): पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (पी.ओ.के.) में नीलम व जेहलम दरियाओं पर शुरू किए हाईड्रोपावर प्रोजैक्ट को लेकर वहां के स्थानीय नागरिकों में पाकिस्तान सरकार के विरुद्ध भारी रोष बना हुआ है। इसीके चलते पी.ओ.के. के नागरिकों ने आज ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए वहां किए जा रहे बेतहाशा निर्माणों का जमकर विरोध किया। उक्त प्रोजैक्टों के विरोध में वहां के स्थानीय नागरिकों ने मुजफ्फराबाद व अन्य शहरों में रोष बैठकें कर अपने रोष का प्रकटावा करते हुए इन प्रोजैक्टों को तुरंत बंद किए जाने की मांग की। लोगों का आरोप है कि इन प्रोजैक्टों के चलते अवैध रूप से पी.ओ.के. के विभिन्न क्षेत्रों में पाकिस्तान प्राकृतिक स्रोतों का अंधाधुंध शोषण कर रहा है। उन्होंने उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की कि वह क्षेत्र के किसी भी नए प्रोजैक्ट को मंजूरी देने से परहेज करें। प्राप्त जानकारी के अनुसार पी.ओ.के. में नीलम व जेहलम नदियों पर बड़े डैम व हाइड्रो प्रोजैक्ट शुरू किए जा रहे हैं जिसके तहत नीलम नदी के पानी को जेहलम नदी पर स्थापित किए गए पावर प्लांट तक पहुंचाकर बिजली बनाई जा रही है। यह पावर प्लांट मुजफ्फराबाद से थोड़ी दूरी पर स्थित है। वर्ष 2018 में मुकम्मल हुए इस प्रोजैक्ट से हर वर्ष 5150 गीगा वाट बिजली उत्पादन का अनुमान है। लोगों का कहना है कि पानी संकट की समस्या से जूझ रहे पी.ओ.के. नीलम नदी पर बन रहे प्रोजैक्ट के कारण पानी संकट की समस्या और अधिक गम्भीर हो सकती है। क्षेत्र में खुशहाली की आड़ में शुरू की गई इन योजनाओं के कारण बड़ी संख्या में लोगों पर प्रभाव पड़ा है। अधिकतरों को अन्य स्थानों पर पलायन करना पड़ा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पी.ओ.के. निवासी पिछले 7 दशक से दबाव का सामना कर रहे हैं और उन्हें न केवल प्राथमिक अधिकारों से वंचित रखा गया है, बल्कि उन्हें उक्त क्षेत्र में पाकिस्तान सरकार के दबाव का भी सामना करना पड़ रहा है।