पैट्रोल, डीज़ल महंगा होने पर हुआ था 800 करोड़ का लाभ


जालन्धर, 12 जनवरी (शिव शर्मा): गत वर्ष अप्रैल महीने से सितम्बर तक सबसे महंगे बिकने वाले पैट्रोल, डीज़ल से कांग्रेस सहित अन्य विरोधी दलों ने जमकर केन्द्र का विरोध किया था परंतु उन दिनों में पंजाब सरकार के खज़ाने को बहुत लाभ हुआ। जारी आंकड़ों में अप्रैल 2018 से लेकर सितम्बर 2018 तक कुल 800 करोड़ रुपए का लाभ हुआ। इस समय हरियाणा का वर्ष 2017-18 में 7655 करोड़ का राजस्व पैट्रोल, डीज़ल से आया था जबकि वर्ष 2018-19 में अप्रैल से लेकर सितम्बर 30 तक पहले 6 महीने में ही हरियाणा का राजस्व 4462 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। गत वर्ष के 6 महीने में तो न केवल पंजाब में पैट्रोल, डीज़ल से वैट वसूली बढ़ गई थी जबकि दूसरे कई राज्यों की वैट वसूली में वृद्धि हो गई। अक्तूबर 2018 से जब पैट्रोल, डीज़ल सस्ता होना शुरू हो गया था तो चार माह में वैट वसूली में भी कमी आ गई। इसी तरह से हिमाचल प्रदेश का 1329 करोड़ व 791 करोड़, जम्मू-कश्मीर का 1329 करोड़ व 791 करोड़, पंजाब का 5658 करोड़ व अप्रैल से सितम्बर तक ही जबकि पैट्रोल, डीज़ल सबसे महंगा था तो उस समय राजस्व 3485 करोड़ रुपए प्राप्त हुआ। चंडीगढ़ 54 करोड़ व 30 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुए। एसोसिएशन के प्रवक्ता मौंटी सहगल का कहना है कि वैट की दरें घटाने के लिए तो वित्त मंत्री को वह आंकड़ों सहित सारी जानकारी दे चुके हैं और जनवरी महीने में इस मुद्दे पर बैठक करने के लिए निमंत्रण दिया गया था परंतु अभी तक इस बारे निमंत्रण नहीं आया। पंजाब के मुकाबले पड़ोसी राज्यों में पैट्रोल व डीज़ल की दरें सस्ती होने के कारण पैट्रोल व डीज़ल बहुत सस्ता होने से तो पंजाब के पैट्रोल पम्प मालिकों का दोहरा नुक्सान हो रहा है।