खालसायी रंग में रंगा पटना साहिब


पटना साहिब, 12 जनवरी : तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब में आज साहिब-ए-कमाल श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के 352वें प्रकाश पर्व को समर्पित आलौकिक व विशाल नगर कीर्तन सजाया गया जो पांच प्यारों के नेतृत्व व श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्र-छाया में गंगा किनारे सुशोभित गुरुद्वारा गऊघाट साहिब से शुरू होकर तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब में समाप्त हुआ जिसमें श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह, तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी इकबाल सिंह, शिरोमणि कमेटी प्रधान भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल, तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब प्रबंधक कमेटी के प्रधान जत्थेदार अवतार सिंह हित, एस.एस. आहलूवालिया, दमदमी टकसाल मेहता के प्रमुख संत बाबा हरनाम सिंह खालसा के अतिरिक्त देश-विदेश से पहुंची संगत ने शिरकत की। इससे पहले गुरुद्वारा गऊघाट साहिब में रखवाए श्री अखंड पाठ साहिब जी के भोग डाले गए, उपरांत ज्ञानी रणजीत सिंह गोहरा ने गुरु इतिहास व भाई दविन्द्र सिंह खन्ने वालों के जत्थे ने इलाही बाणी के मधुर कीर्तन से संगत को निहाल किया। इस दौरान ज्ञानी इकबाल सिंह द्वारा नगर कीर्तन की शुरुआत की अरदास तथा सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने हुक्मनामा लिया। जयकारों की गूंज में ज्ञानी इकबाल सिंह द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप को सिर पर लेकर जा रहे महकते फूलों से सजाई गई सुंदर पालकी साहिब में सुशोभित किया। फूलों की वर्षा दौरान ढोलकी छैनों से शबद गायन करती संगत के अतिरिक्त स्कूली विद्यार्थियों की प्रस्तुति, बैंड पार्टियों की मनमोहक धुनों ने माहौल को और भी प्रभावशाली बना दिया। किलोमीटरों तक चलने वाले नगर कीर्तन में शामिल हुए श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए विभिन्न प्रकार के लंगर स्थानीय वासियों द्वारा लगाए गए, वहीं नगर कीर्तन के सम्मान में बाज़ार पूरी तरह सजाए गए तथा साफ-सफाई के लिए संगत के अतिरिक्त प्रशासन द्वारा तैनात कर्मचारियों ने तन्मयता से सेवा की। इस अवसर पर देश-विदेश की संगत को प्रकाश पर्व की बधाईयां देते हुए सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की सिफ्त को अक्षरों में बयां नहीं किया जा सकता क्योंकि उन्होंने अपने जीवन के थोड़े कार्यकाल में ऐसे कार्य किए जिनकी विश्व में कहीं मिसाल नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने 14 युद्ध जब्र जुल्म के विरुद्ध लड़े तथा जीत हासिल की जबकि श्री आनंदपुर साहिब जी की पावन धरती में न्यारे खालसा पंथ की साजना करने के साथ अपना सरबंस वार दिया। उन्होंने संगत को अपील की कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के सिद्धांत व फलसफे को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाएं। इस अवसर पर भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने संगत को प्रकाश पर्व की मुबारकबाद देते हुए कहा कि गुरु साहिब ने खालसा पंथ की साजना कर सिख कौम को जहां एक अलग पहचान दी वहीं तख्त श्री दमदमा साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की सम्पूर्णता कर नांदेड़ साहिब में ज्योति जोत समाने से पहले श्री गुरु ग्रंथ साहिब को गुरुआई देकर सब संगत को गुरु मानने का आदेश दिया। ऐसे में उनका प्रकाश पर्व मनाया तभी सफल है यदि अमृत छक कर गुरु सिद्धांत पर पहरा दिया जाए। इस दौरान जत्थेदार अवतार सिंह हित ने आई हुई संगत का जहां धन्यवाद किया वहीं नगर कीर्तन में शामिल शख्सियतों को सिरोपा देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर नानकसर सम्प्रदाए के प्रमुख संत बाबा घाला सिंह, बाबा जोगा सिंह आदि उपस्थित थे।