शाही स्नान के साथ कुम्भ का शंखनाद



प्रयागराज, 15 जनवरी (भाषा) : मकर संक्रांति पर विभिन्न अखाड़ों के नागा साधुओं के शाही स्नान के साथ कुम्भ मेले का शंखनाद हो गया। तीन केंद्रीय मंत्रियों- स्मृति ईरानी, उमा भारती और निरंजन ज्योति ने आज गंगा, यमुना और पौराणिक नदी सरस्वती के संगम में स्नान किया। मंगलवार को तड़के 3 बजे से सायं पांच बजे तक लगभग 1.40 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। अपर मेलाधिकारी दिलीप त्रिगुणायत ने यहां मीडिया सैंटर में संवाददाताओं को बताया कि मंगलवार सायं 5 बजे तक लगभग 1.40 करोड़ लोगों के स्नान करने का अनुमान है। त्रिगुणायत ने बताया कि संगम स्नान करने वाले अति विशिष्ट व्यक्तियों में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, उमा भारती और निरंजन ज्योति शामिल हैं।
कड़कड़ाती ठंड में सुबह 5:45 बजे श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी और पंचायती अटल अखाड़ा के नागा साधु-संन्यासी अपने लाव-लश्कर के साथ संगम पहुंचे और संगम में डुबकी लगाई। अटल अखाड़ा के बाद श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा और तपोनिधि श्री पंचायती आनंद अखाड़ा के नागा साधु संतों ने शाही स्नान किया। निरंजनी अखाड़ा में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री निरंजन ज्योति का सोमवार को महामंडलेश्वर के रूप में पट्टाभिषेक किया गया था। नागा संन्यासियों का शाही स्नान देखने भारी तादाद में लोग संगम क्षेत्र में मौजूद थे। स्नानार्थियों का संगम क्षेत्र में स्वागत करते हुए हैलीकाप्टर से पुष्प वर्षा की गई। चारों ओर उत्साह का माहौल देखते ही बन रहा था। आनंद अखाड़ा के शाही स्नान के बाद नागा साधुओं के सबसे बड़े अखाड़े श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा, श्री पंच दशनाम आवाहन अखाड़ा और श्री शंभू पंच अग्नि अखाड़ा के साधु संन्यासियों ने शाही स्नान किया। 
जूना अखाड़ा में सैकड़ों की संख्या में नागा साधु संन्यासी शामिल थे और इस अखाड़े का लश्कर सबसे बड़ा था। जूना अखाड़े के लश्कर में नागा साधुओं के पीछे अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज का रथ था और इनके पीछे जूना अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विशंभर भारती जी महाराज का रथ था। इस मेले में पहली बार किन्नर अखाड़ा के संन्यासियों ने अमृत स्नान किया। किन्नर अखाड़े की अगुवाई इस अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने की।