पड़ोसियों से रखें अच्छा व्यवहार


आज की भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में आदमी के लिए समय निकाल पाना कठिन होता है। बहुत कम लोग ऐसे हैं, जो अपने परिवार को भी पर्याप्त समय दे पाते हैं। फिर पड़ोसियों की तो बात ही दूर है। आज कई लोग (खास कर शहरों में) ऐसे हैं, जो अपने अगल-बगल में रहने वाले पड़ोसियों के नाम तक नहीं जानते।
यूं अपने आसपास रहने वाले लोगों के बारे में जानने, उनसे बातें करने या फिर संबंध बनाने में ज्यादा वक्त नहीं लगता। उनसे बातें करने या उनके यहां आने-जाने से आपका थोड़ा समय ज़रूर व्यर्थ जायेगा, परन्तु इससे कहीं ज्यादा आपको फायदे मिलेंगे। अपने आसपास रहने वाले लोगों के बारे में जानकारी रखना आपके लिए क्यों ज़रूरी है? इसके लिए कुछ बातों पर गौर करते हैं—
* जब कभी भी आपको किसी नज़दीकी व्यक्ति की सहायता की आवश्यकता हो तो आपके पड़ोसी आपके सबसे निकट होंगे।
* मान लें कि आपके घर में आग लग जाए, चोर घुस जाए या फिर अन्य मुसीबतें आएं तो सर्वप्रथम पड़ोसियों को ही सहायता के लिए बुलाते हैं। भले ही आपके घर में टेलीफोन लगा है और आप पुलिस या फायर ब्रिगेड को तुरंत बुला लेने में सक्षम हों, फिर भी पड़ोसियों की सहायता अति आवश्यक है। यदि आप कुछ दिनों के लिए घर से बाहर जाना चाह रहे हैं तो अपने घर को पड़ोसियों की निगरानी पर छोड़ कर जा सकते हैं, बशर्ते उनसे आपका 
संबंध घनिष्ठ और विश्वसनीय हो।
* जब भी आपको किसी चीज़ की सहायता की ज़रूरत होती है और आप उसी क्षण उसे खरीद पाने में सक्षम नहीं, तब उस समय आप पड़ोसियों की सहायता ज़रूरत लें।
* छुट्टी के दिन जब आप अकेले घर बैठे बोर हो रहे हों, उस समय न चाहते हुए भी पड़ोसी के घर जाना पसंद करेंगे और वक्त ज्यादा होने की परवाह किये बिना घंटों हंसी-मज़ाक और आपस की बातें करते रहेंगे।
* आपके आसपास रहने वाले सभी लोग अच्छे प्रवृत्ति के हों, यह ज़रूरी नहीं। हो सकता है वह कोई बड़ा अपराधी हो और सिर्फ आपके लिए ही नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए खतरा हो। ऐसे लोगों के बारे में जानना बहुत ज़रूरी है।
यूं तो पड़ोसियों से नज़दीकी बढ़ाने में बच्चों एवं बड़े-बुजुर्गों के अलावा घर की महिलाएं अच्छी भूमिका निभाती हैं, परन्तु ध्यान रखें कि पड़ोसियों के घर ज्यादा समय बिताना दांपत्य जीवन में सन्देह या दरार उत्पन्न करने वाली स्थिति तक पहुंच जाए तो सावधान रहना ही बेहतर है।

—चन्द्रशेखर आजाद