पहली पातशाही के ज्योतिजोत दिवस से पूर्व सम्पन्न हो करतारपुर साहिब गलियारा का निर्माण : महिन्द्रपाल सिंह


अमृतसर, 11 फरवरी (सुरिन्द्र कोछड़): पश्चिमी पंजाब की प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में नियुक्त किए गए पाकिस्तान के पहले सिख संसदीय सचिव एम.पी.ए. महिन्द्रपाल सिंह ने पाकिस्तान सरकार के समक्ष मांग की है कि श्री करतारपुर साहिब गलियारे का निर्माण गुरु नानक देव जी के ज्योतिजोत दिवस से पूर्व सम्पन्न किया जाए, ताकि भारतीय सिख संगत उक्त दिवस के अवसर पर गलियारे के रास्ते गुरुद्वारा साहिब के दर्शन कर सकें। उन्होंने ‘अजीत समाचार’ से उक्त जानकारी सांझी करते हुए यह भी बताया कि पश्चिमी पंजाब की असैंबली में 12 फरवरी को ज़िला सियालकोट से एम.पी.ए. (सदस्य प्रदेश असैंबली) बीबी मोमना वहीद द्वारा यह सुनिश्चित बनाने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा कि गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के शांत माहौल को पर्यटन के नाम पर ना बदला जाए। इसके अलावा गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के साथ लगती 104 एकड़ भूमि, जिसमें पहले पातशाह ने स्वयं किरत की, में किसी किस्म का कोई निर्माण न किया जाए, बल्कि यहां जैविक खेती ही की जाए। महिन्द्रपाल सिंह के अनुसार पाकिस्तान सरकार द्वारा पहली पातशाही श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर  पर भारतीय सिख संगत को गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब करतारपुर के लिए गलियारा उपलब्ध करवाने के लिए आरम्भ किए गए निर्माण कार्य का 40 प्रतिशत से ज्यादा कार्य सम्पन्न कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य की ज़िम्मेदारी फ्रंटियर वर्क्स एसोसिएशन (एफ.डब्ल्यू. ओ.) के साथ-साथ एम.के.बी. को भी सौंपी गई है, जिनके द्वारा गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब से राष्ट्रीय सीमा तक सड़क, इमिग्रेशन टर्मीनल तथा गुरुद्वारा साहिब की एक्सटेंशन का निर्माण काफी हद तक सम्पन्न कर लिया गया है। यह भी बताया जा रहा है कि गुरुद्वारा साहिब से रावी दरिया तक आती 1.10 किलोमीटर लंबी सड़क तथा रास्ते में पड़ती बेई नदी के पुल बनाने का कार्य मुकम्मल कर लिया गया है। इसके साथ ही 300 मज़दूरों द्वारा दिन-रात निर्माण का कार्य जारी रखते हुए 0.77 किलोमीटर लंबे रावी दरिया पर पुल बनाने का कार्य युद्धस्तर पर आरम्भ किया जा रहा है, जबकि दरिया से भारती सीमा तक बनने वाली 2.25 किलोमीटर लम्बी सड़क का निर्माण अभी आरम्भ किया जाना है।