बारिश व ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों की सुध लेने नहीं पहुंचा कोई


दोरांगला, 11 फरवरी  (अ.स.): गत दिवस हुई भारी बरसात व ओलावृष्टि से पंजाब के विभिन्न ज़िलों में गेहूं की फसल व सब्ज़ियों का भारी नुक्सान हुआ है, परंतु आज तक भी बारिश की चपेट में आई फसलों की सुध लेने के लिए न तो कोई राजनीतिक नेता व न ही प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किसानों तक पहुंच कर क्षतिग्रस्त हुई फसलों का जायज़ा लिया गया, जबकि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह द्वारा बर्बाद हुई फसलों की तुरंत गिरदावरी करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं जिसे लेकर किसानों में भारी रोष पाया जा रहा है। यदि माझा क्षेत्र की बात करें तो सीमावर्ती क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में खेतों में पानी भरने के कारण गेहूं की फसल कई दिनाें से पानी में डूबी हुई हैं, जो अब बर्बाद होनी शुरू हो गई है परंतु सरकार किसानों की इस दुख के समय में हाथ थामने की बजाय अन्य कामों में व्यस्त है, जिस कारण प्रदेश के किसान चिंतित हैं। इस संबंधी श्रमिक किसान  यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सतबीर सिंह सुलतानी ने बताया कि  सरकार द्वारा ऐसे मौकों पर आदेश तो कर दिए जाते हैं, परंतु इन्हें बाद में अमल में नहीं लाया जाता। उन्होंने कहा कि अधिकतर निकासी नाले जिनकी पिछले कई वर्षों से सफाई न होने के कारण ये नाले बंद कर दिए हैं। इसके अलावा सड़कों के बीच पड़े पुल भी बंद पड़े हैं जिस कारण पानी का किसी ओर भी निकास नहीं है, जिनकी ओर यदि सरकार द्वारा समय पर ध्यान दिया जाए तो ऐेसे समय पर फसलों को पानी की मार से बचाया जा सकता है परंतु सरकार द्वारा किसानों को तुरंत राहत तो क्या देनी, मौके पर पहुंचकर किसानों की सुध तक नहीं ली जा रही।