पंजाब विधानसभा का बजट सत्र आज से


चंडीगढ़, 11 फरवरी (हरकवलजीत सिंह) : पंजाब विधानसभा का बजट समागम कल सुबह राज्यपाल पंजाब वी.पी. सिंह बदनौर के भाषण से शुरू होगा। लोकसभा चुनावों से पहले होने वाले इस बजट समागम से विभिन्न वर्गों को बड़ी आशाएं हैं क्योंकि राज्य के वोटरों को लुभाने के लिए सरकार द्वारा इस बजट में बड़े घोषणाएं किए जाने की संभावना है। विरोधी पक्ष द्वारा बजट समागम को लम्बा रखे जाने के बावजूद सरकारी पक्ष द्वारा यह समारोह केवल 9 बैठकों का ही रखा गया है और विरोधी पक्ष द्वारा  सार्वजनिक मुद्दे उठाने के लिए उचित समय मांगने के अतिरिक्त किसानी से संबंधित मुद्दों, राज्य में अमन-कानून की स्थिति, कर्मचारियों के डी.ए. और बकाया के अतिरिक्त अध्यापकों पर हुए लाठी चार्ज जैसे मुद्दों को लेकर लगातार हंगामे किए जाने की संभावना है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल जो विधानसभा समारोह को मुख्य रखकर आज सायं चंडीगढ़ पहुंच गए थे द्वारा समागम की कुछ बैठकों के दौरान हाज़िरी भरी जाएगी, जबकि दल के प्रधान और अकाली विधायक दल के नेता सुखबीर सिंह बादल जोकि आज रात यहां पहुंचेंगे द्वारा समागम से पहले कल सुबह पार्टी विधानकारों की एक बैठक रखी हुई है जिसमें राज्यपाल के भाषण संबंधी पार्टी की रणनीति को विचारने के अतिरिक्त बजट समागम संबंधी भी अपनी रणनीति को विचार किया जाना है। आम आदमी पार्टी के विधायक एच.एस. फूलका जिनके द्वारा विधानसभा की सदस्यता से अपना इस्तीफा सौंप दिया गया था द्वारा भी समारोह दौरान उपस्थित होने और कुछ मुद्दे को उठाने संबंधी संकेत दिया। गया है क्योंकि स्पीकर द्वारा अब तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी किए गए कार्यक्रम  के अनुसार कल 12 फरवरी को सदन की दो बैठकें होगी। सुबह 11 बजे शुरू होने वाली बैठक राज्यपाल द्वारा भाषण पढ़ने से शुरू होगी जबकि बाद दोपहर दो बजे की बैठक शोक प्रस्ताव पास होने के बाद उठ जाएगी। 13 फरवरी सुबह की बैठक में राज्यपाल पजांब के भाषण संबंधी धन्यवाद का प्रस्ताव पेश होगा और उस पर चर्चा भी शुरू हो जाएगी जबकि 14 फरवरी सुबह की बैठक गैर सरकारी कामकाज के लिए होगी और 15 फरवरी सुबह की बैठक दौरान भी राज्यपाल के भाषण पर चर्चा होगी। 16 और 17 फरवरी की छुट्टी के बाद 18 फरवरी को बाद दोपहर दो बजे विधानसभा में आते वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए राज्य की बजट तजवीज़ें वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल द्वारा पेश की जाएंगी जबकि चालू वित्तीय वर्ष के लिए अनुपूवक वित्तीय मांगों और अनुपूरक मांगों संबंधी खज़ाना बिल पेश और पास किया जाएगा। इस दिन भारत सरकार के महा लेखाकार द्वारा वर्ष 2017-18 के लिए अपनी रिपोर्टें पेश की जाएंगी जबकि 19 फरवरी छुट्टी वाला दिन होगा और 20 फरवरी को सदन की दो बैठकें होंगी। सुबह 10 बजे शुरू होने वाली बैठक के दौरान आते वित्तीय वर्ष के लिए बजट प्रस्तावों पर बहस और उस संबंधी वित्त मंत्री का जवाब होगा, जबकि बाद दोपहर की बैठक में बजट की ग्रांटों पर बहस और आते वित्तीय वर्ष के लिए खज़ाना बिल को पास किया जाएगा। बैठक के आखिरी दिन 21 फरवरी सुबह की बैठक गैर सरकारी कामकाज के लिए होगी और इसी दिन विधानसभा का समागम उठाने संबंधी प्रस्ताव पेश किया जाएगा।