स्कूलों में साइकिल बांटने से डरने लगे मंत्री व विधायक


फाज़िल्का, 11 फरवरी (अ.स.): पूर्व अकाली-भाजपा सरकार द्वारा माई भागो योजना के तहत 11वीं व 12वीं कक्षा की छात्राओं को साइकिल वितरित करने की योजना शुरू की गई थी। पंजाब में कांग्रेस सरकार बनने के बाद पहले वर्ष तो स्कूलों में साइकिल बांटे ही नहीं गए, परंतु इस बार साइकिल बांटे जा रहे हैं। शिक्षा सूत्रों के अनुसार इस बार 11वीं व 12वीं कक्षा की छात्राओं, जिनकी संख्या 1 लाख 38 हज़ार है, को साइकिल वितरित की जाएंगी। अधिकतर ज़िलाें में साइकिलें पहुंच गई हैं। स्कूल प्रमुखों व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा साइकिलों के वितरण को लेकर मंत्रियों व विधायकों तक पहुंच की गई है परंतु गत वर्ष प्रदेश में चल रहे अध्यापक आंदोलन व अध्यापकों के बढ़ी नाराज़गी के कारण किसी ने भी साइकिलों का वितरण करना मुनासिब नहीं समझा। कई स्थानों पर तो अध्यापकों का रोष तो इस कद्र है कि किसी भी मंत्री या विधायक को स्कूल में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। लोकसभा चुनावों को देखते हुए साइकिलों का वितरण जल्दबाज़ी में किया जा रहा है। इसलिए पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की अपेक्षा कैप्टन अमरेन्द्र सिंह का चित्र भी नहीं लग सका। सूत्र बताते हैं कि सरकार द्वारा 2600 रुपए के करीब साइकिल की कीमत डाली गई है। साइकिल देखने व क्वालिटी के रूप में हल्के ही प्रतीत होते हैं। लोक इन्साफ पार्टी व आम आदमी पार्टी द्वारा साइकिलों पर कई सवाल भी उठाए गये हैं। दूसरी ओर कुछ स्कूल साइकिलों से भरे पड़े हैं परंतु वितरित करने से किनारा कर रहे नेताओं के नखरे विद्यार्थियों व स्कूलों पर भारी पड़ रहे हैं।