दूध की आवक बढ़ने से देशी घी में मंदा : पाऊडर ठहरा


नई दिल्ली, 17 फरवरी (एजेंसी): गत सप्ताह कच्चे दूध की आपूर्ति में इजाफा हो जाने एवं प्लांटों की मांग कमजोर पड़ने से एक/डेढ़ रुपया प्रति लीटर का मंदा आ गया। मिलावटी माल ज्यादा आने से शुद्ध देशी घी की बिक्री घट गयी, जिसके चलते कम्पनियों ने 10 रुपए किलो सप्ताह के शुरुआती दौर में घटा दिये। इसके प्रभाव से पूरे सप्ताह लिवाल और मंदे की धारणा में पीछे हट गये। वहीं दूध पाउडर के भाव पूर्वस्तर पर टिके रहे, लेकिन व्यापार कमजोर होने से कारोबारी मंदे में आ गये हैं। आलोच्य सप्ताह कच्चे दूध की आपूर्ति उत्तर भारत के प्लांटों में बढ़कर एक करोड़ लीटर दैनिक हो गयी तथा मिलावटी देशी घी मंडियों में ज्यादा बिकने से शुद्ध देशी घी की बिक्री में 10-12 प्रतिशत की और कमी आ गयी, जिसके चलते उपभोक्ता पैक में 10 रुपए घटाकर कम्पनियों ने आरएम वैल्यू के हिसाब से 300/330 रुपए भाव कर दिये। बड़े टीनों में 150 रुपए और घटाकर 4900/5100 रुपए प्रति टीन भाव बोलने लगे। मिलावटी माल 4000/4100 रुपए बिक रहे हैं। मौसम का तापमान फरवरी माह में कम हुआ है, जिससे प्लांट इस बार एक महीने और आगे तक चलने की संभावना है। इसका एक और कारण यह भी है कि तापमान आगे कम रहने पर लिक्विड दूध की उपलब्धि बनी रहेगी तथा यूपी में कटाई अप्रैल में गेहूं की होगी, जिससे अभी डेढ़ महीने प्लांट और चलने की संभावना है। इससे देशी घी व दूध पाउडर का उत्पादन पूर्वानुमान से बढ़ सकता है। इन सबके बावजूद देशी घी एवं दूध पाउडर में अगले माह से अच्छी तेजी की संभावना नजर आ रही है क्योंकि इस बार फैडरेशन के पुराने माल सभी राज्यों के 70 प्रतिशत बिक चुके हैं तथा प्राइवेट सैक्टर के प्लांट देर से चले हैं तथा अभी तक स्टॉक में माल जा रहा है, जो आगे चलकर तेजी का कारण बनेगा। दूध पाउडर के भाव यहां 180/210 रुपए प्रति किलो चल रहे हैं तथा इसमें घटने का 10 रुपए एवं बढ़ने का 50 रुपए की अटकलें लगाई जा रही हैं। बाजारों में रुपए की तंगी जरूर चल रही है तथा कुछ सरकार तंत्र का भी दबाव चल रहा है, लेकिन डेयरी उद्योग संकट के दिन देख आया है। अत: आगे अच्छे दिन लग रहे हैं।