केन्द्र सरकार ने जेकेएलफ पर लगाया प्रतिबंध


नई दिल्ली, 22 मार्च (वार्ता) : सरकार ने जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट  (जेकेएलएफ) पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस संगठन का नेतृत्व अलगावादी नेता यासिन मलिक करता है। केन्द्रीय गृह सचिव राजीव गौबा ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि जेकेएलएफ पर गैर कानूनी गतिविधियों निरोधक कानून की धारा-तीन (ए) के तहत प्रतिबंध लगाया गया है। जेकेएलएफ कश्मीर घाटी में अलगाववादी विचारधारा फैलाने में लिप्त रहा है और यह 1988 से अलगाववादी गतिविधियों के साथ साथ हिंसा में भी शामिल रहा है। जेकेएलफ वर्ष 1989 में कश्मीरी पंडितों की हत्या में शामिल रहा है जिसके बाद इस समुदाय के लोगों को बड़ी संख्या में कश्मीर घाटी से पलायन करना पड़ा था। इस जेकेएलएफ के खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं। यह अलगाववादी संगठन भारतीय वायु सेना के चार कर्मियों की हत्या के लिए ज़िम्मेदार रहा है और विश्वनाथ सरकार के दौरान गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबिया सईद के अपहरण में भी लिप्त रहा है। गिलानी को 14.40 लाख का जुर्माना,  6.8 लाख कुर्क  : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के खिलाफ 14.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के उल्लंघन के मामले में 6.8 लाख रुपए कुर्क करने के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। गिलानी के खिलाफ यह मामला अवैध रूप से विदेशी मुद्रा रखने से जुड़ा है और प्रवर्तन निदेशालय फेमा के तहत इसकी जांच कर रहा है। अधिकारियों ने कहा कि जांच और न्यायिक कार्रवाई पूरी होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने फेमा के तहत 20 मार्च को 14.40 लाख रुपए जुर्माना लगाया जाने का आदेश दिया। साथ ही 10,000 अमरीकी डॉलर की विदेशी मुद्रा को जब्त करने का भी आदेश दिया। यह कथित तौर पर गिलानी के पास बरामद की गई।