जलियांवाला बाग नरसंहार के उपरांत अंग्रेज़ों द्वारा बैन हुई काव्य पुस्तक ‘खूनी बैसाखी’ 100 वर्ष बाद रिलीज


अमृतसर, 15 अप्रैल (राजेश कुमार) : गुरू नानक देव विश्वविद्यालय के गुरू ग्रंथ साहिब भवन में आज पंजाब के वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने प्रसिद्ध नावलकार नानक सिंह की काव्य पुस्तक खूनी वैसाखी को रिलीज किया। इससे पहले उप-कुलपति प्रो. डा. जसपाल सिंह संधू ने स. बादल का विश्वविद्यालय पहुंचने पर स्वागत किया। पुस्तक रिलीज करने मौके संबोधन करते हुए स. बादल ने कहा कि इस काव्य पुस्तक में नावलकार नानक सिंह द्वारा अपनी आंखो देखी दास्तान को बड़े ही मार्मिक अंदाज में पेश किया है। इसके लिए समुची पंजाबीयत उनके ऋणी रहेगी।  इस दौरान पैनल चर्चा भी हुई जिसमें उनके अलावा पंजाबी आलोचक डा. हरभजन सिंह भाटिया, नानक सिंह, अनुवादक नवदीप सूरी, इतिहास विभाग के मुखी डा. अमनदीप कौर ने शामिल होकर अपने-अपने विचार रखे। उपकुलपति डा. जसपाल सिंह संधू ने नावलकार नानक सिंह, गुरबख्श सिंह प्रीत लड़ी के परिवारिक सदस्यों के अलावा पहुंची शख्सीयतों का स्वागत करते हुए कहा कि वह इस बात पर गर्व महसूस कर रहे है कि आज गुरू नानक देव विश्वविद्यालय द्वारा उस किताब को आजादी से कई वर्षों के बाद रिलीज किया जा रहा है जिसको अंग्रेज सरकार समय बैन कर दिया गया था।  इस मौके पर डीन अकादमिक मामले डा. एसएस बहिल, रजिस्ट्रार डा. करनजीत सिंह काहलों, डीन विद्यार्थी भलाई डा. हरदीप सिंह, डायरैक्टर रिसर्च डा. नरपिंदर सिंह, डा. श्वेता शनोऐ, कुलबीर सिंह, गुनबीर सिंह, गुरबख्श सिंह आदि मौजूद थे।