मसालों की ‘रानी’ का तख्त हुआ दोगुना से भी अधिक ‘ऊंचा’


बठिंडा छावनी, 19 जून : मसालों की ‘रानी’ का ‘तख्त’ दोगुने से भी अधिक ऊंचा हो गया है। अब इसकी ‘खुशबू’ का आनंद लेने के लिए बड़ा ‘मूल्य’ देना पड़ेगा। छोटी इलायची जिसको मसालों की रानी कहा जाता है, का थोक भाव 1500 से बढ़ कर 3500 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया है। कुछ समय पहले प्रचून बाज़ार में छोटी इलायची का भाव 1700 रुपए प्रति किलो था, जो अब बढ़ कर 4000 रुपए हो गया है। छोटी इलायची के भाव में 135 फीसदी वृद्धि होने से मसाला बाज़ार में खलबली मच गई है। उपभोक्ताओं ने भी छोटी इलायची की ‘खुशबू’ से दूरी बना ली है। यदि कोई उपभोक्ता प्रचून करियाना दुकान से 100 ग्राम छोटी इलायची खरीदने जाता है तो 400 रुपए भाव सुनकर ‘हैरान’ रह जाता है। मसालों के अलावा चाय का स्वाद बेहतर बनाने के लिए भी छोटी इलायची की ज्यादातर प्रयोग किया जाता है। परंतु अब ‘आम’ लोक बिना इलायची वाली चाय पीकर ‘सब्र’ करने लगे हैं। ढाबों व होटलों पर ग्राहकों को खाना खाने के बाद अब छोटी इलायची नहीं दी जाती, बल्कि सौंफ व मिश्री देकर ही काम चलाया जाता है। जानकारी अनुसार छोटी इलायची सहित ज्यादातर मसालों का उत्पादन दक्षिण भारतीय राज्य केरल में होता है। पिछले समय दौरान केरल में आई बाढ़ ने बड़ी तबाही मचाई थी। जिससे मसालों की फसलों का भी नुक्सान हुआ था। उत्पादन घटने के कारण भाव ‘आसमान’ छूने लगे। जानकारों का कहना है कि सट्टा बाज़ारियों व थोक व्यापारियों ने मौके की ‘नज़ाकत’ को देखते हुए खूब हाथ रंगे हैं। प्रचून दुकानदारों ने भी छोटी इलायची की मांग कम कर दी है। दुकानदारों का कहना है कि ‘छोटी’ इलायची का ‘बढ़ा’ भाव सुनकर ग्राहक ‘हाथ’ पीछे खींच लेते हैं। आयुर्वेद मुताबिक छोटी इलायची की ‘तसीर’ ठंडी होती है व इसका प्रयोग मसालों के अलावा बहुत सी आयुर्वेदिक दवाइयों में भी किया जाता है। जानकारों का कहना है कि यदि विवाह-शादियों मौके अधिक भोजन किया हो तो दो छोटी इलायचियां चबा लेने से खाना जल्दी पच जाता है, परंतु अब तो छोटी इलायची के भाव ने अच्छों-अच्छों का ‘हाज़मा’ खराब कर दिया है।