पेशावर में सिक्खों को हिजरत के लिए किया जा रहा है मज़बूर


पेशावर, 13 जून - पाकिस्तान के पेशावर में कम संख्या में मौजूद सिक्ख भाईचारे को देश के अन्य हिस्सों में हिजरत करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कट्टर इस्लामिक तंजीमों द्वारा लगातार सिक्ख भाईचारे के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। पेशावर के 30 हज़ार सिक्खों में से 60 प्रतिशत सिक्ख शदीद खतरे के चलते पाकिस्तान के अन्य हिस्सों या भारत के लिए प्रवास कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि हाल ही में पेशावर के अमन शान्ति के लिए काम करने वाले और किरियाने की दुकान के मालिक चरणजीत सिंह को एक ग्राहक की तरफ से उस समय पर गोलियां मार कर ढेरी कर दिया गया, जब चरणजीत सिंह कातिल को सामान देने में मशरूफ थे। स्थानीय सिक्ख भाईचारे के प्रतिनिधि बाबा गुरपाल सिंह ने मीडिया के साथ बातचीत के दौरान कहा कि पेशावर में सिक्खों की नसलकुशी हो रही है। कुछ सिक्ख इन घटनाओं के लिए तालिबान को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं, जो लगातार अकलियत (कम संख्या) को निशाना बना रहे हैं।