चिंताजनक घटनाक्रम

न्यूज़ीलैंड में एक बार फिर नगर कीर्तन में कट्टर ईसाई संगठन डैस्टनी चर्च के समर्थकों द्वारा विघ्न डालने से सिख जगत में बड़ी चिंता पैदा हुई है और हो रही इन घटनाओं में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना भी की जा रही है। टौरंगा शहर जिसमें पंजाबी काफी ज्यादा संख्या में रह रहे हैं कि सिख संगत द्वारा आयोजित नगर कीर्तन के समय यह घटना हुई। यह शहर ऑकलैंड से लगभग 300 किलोमीटर की दूरी पर है, जहां ब्राइन तमाकी के कट्टर समर्थकों ने नगर कीर्तन के सामने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर वहां का स्थानीय ‘हाका डांस’ किया। इसलिए डैस्टनी चर्च का प्रमुख ब्राइन तमाकी ही ज़िम्मेदार है, जो पहले से ही अनेक विवादों में घिरा रहा है परन्तु अभी तक इसके प्रति देश के प्रशासन ने उदासीनता धारण कर रखी है।
ऐसी ही सुनियोजित योजना अधीन इस समूह ने ऑकलैंड के निकट मनरेवा इलाके में पिछले माह नगर कीर्तन को रोककर अपना विरोध प्रदर्शन किया था। यह ग्रुप अन्य धर्मों के विरुद्ध भी लगातार नकारात्मक रुख अपनाता हुआ उनके चिन्हों का अपमान करने के लिए जाना जाता है परन्तु इस समूह की अधिकतर देश वासियों द्वारा और वहां के बहुत सारे राजनीतिज्ञों द्वारा लगातार आलोचना भी की जाती रही है। ब्राइन ने वहां से पुश्तैनी निवासी माऊरी लोगों को अपने साथ जोड़ा हुआ है, जिनमें उसने धर्म के नाम पर कट्टरता भर रखी है। सिख भाईचारे द्वारा नगर कीर्तन अपने गुरुओं के प्रकाशोत्सव और ऐतिहासिक दिनों की याद में शांतमयी तरीके से निकाला जाता है, जो सिख परम्परा का एक हिस्सा है। इसमें कोई शक की गुंजाइश नहीं कि आज दुनियाभर में सिख आस्था को मानने वाले लोग बड़ी संख्या में रह रहे हैं।
अलग-अलग स्थानों पर स्थापित गुरुद्वारा साहिबान में वे लगातार कीर्तन तथा अन्य कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने लंगर की प्रथा को भी कायम रखा हुआ है, जिसमें प्रत्येक विश्वास के लोग शामिल होते हैं। इसके साथ इस बात से भी इन्कार नहीं किया जा सकता कि विश्व के कई देशों में कुछ ऐसे संगठन और समूह भी बने हुए हैं, जो ऊंचे स्वर में लगातार भारत के खिलाफ प्रचार करते हैं, जिस कारण वहां का माहौल खराब हो जाता है। इसके साथ ही अमरीका, कनाडा तथा यूरोप के कुछ देशों में पंजाबी समुदाय से संबंधित लोगों ने ऐसी कार्रवाइयां जारी रखी हुई हैं, जिन्हें असामाजिक तथा कानून विरोधी कहा जाता है। ऐसी घटनाओं के घटित होने से वहां भारी संख्या में रहते पंजाबी भी बचाव की स्थिति में आ जाते हैं। इस संबंध में प्रत्येक स्थान पर रहते पंजाबी समुदाय को मिल बैठ कर सोचने की ज़रूरत होगी।
हम केन्द्र सरकार से भी यह अपील करते हैं कि वह न्यूज़ीलैंड में घटित इन घटनाओं के प्रति वहां की सरकार के साथ सम्पर्क करके उसे सचेत करे, ताकि ऐसा घटनाक्रम बार-बार घटित न हो, जिससे कि अशांति पैदा हो। शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिन्दर सिंह धामी ने एक बार फिर शांतिपूर्वक तथा धार्मिक मर्यादा के अनुसार सजाए नगर कीर्तन का कुछ स्थानीय लोगों द्वारा विरोध किए जाने की निंदा की है और कहा है कि विश्व समुदाय में अपना उल्लेखनीय योगदान देने वाले सिख समुदाय की धार्मिक परम्पराओं को नफरत की नज़र से देखा जाना ठीक नहीं है। हम समूचे समुदाय से भी यह अपील करते हैं कि वह ऐसे अवसरों पर अनुशासन में रहते हुए अपनी भाईचारक साझ की मज़बूत परम्पराओं को कायम रखते हुए अपना गौरव बनाए रखने में सहायक हो।

—बरजिन्दर सिंह हमदर्द

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