ईरान में तनाव के बीच होर्मुज पार कर मुंबई पहुंचा तेल टैंकर
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एक लाइबेरियाई ध्वज वाला कच्चे तेल का टैंकर, जिसकी कमान एक भारतीय कप्तान के हाथ में थी, रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर सुरक्षित रूप से मुंबई बंदरगाह पहुंच गया। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार यह टैंकर सऊदी अरब के रास तनुरा बंदरगाह से कच्चा तेल लेकर आया था।
ईरान की अनुमति के बाद जलडमरूमध्य से गुजरा टैंकर
अधिकारियों के अनुसार टैंकर ने सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया, जो फारस की खाड़ी को वैश्विक बाजारों से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। हाल के सैन्य घटनाक्रमों के बाद इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पर सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं, ऐसे में टैंकर का सुरक्षित गुजरना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जहाजों पर ईरान की सख्त निगरानी
ईरान ने हाल के दिनों में इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर निगरानी और प्रतिबंध कड़े कर दिए हैं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार अब जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने से पहले तेहरान से अनुमति लेना आवश्यक है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल अलीरेजा तंगसीरी ने चेतावनी दी है कि निर्देशों की अनदेखी करने वाले जहाजों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि चेतावनी की अनदेखी करने पर एक्सप्रेस रोम और मयूरी नारी नामक जहाजों को निशाना बनाया गया।
ईरानी अधिकारियों का यह भी कहना है कि अमेरिका और इजराइल के हितों से जुड़े जहाजों को छोड़कर अन्य जहाजों को सुरक्षित पारगमन की अनुमति दी जा सकती है।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है अहम?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। प्रतिदिन लगभग 2 करोड़ बैरल कच्चा तेल इस रास्ते से होकर गुजरता है, जो वैश्विक दैनिक तेल खपत का करीब पांचवां हिस्सा है। वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का लगभग एक चौथाई हिस्सा भी इसी मार्ग से होता है।

