शबरिमला सोना चोरी मामला: एसआईटी ने तंत्री की जमानत के खिलाफ केरल उच्च न्यायालय में याचिका दायर की



कोच्चि, 13 मार्च  शबरिमला मंदिर की कलाकृतियों से सोने की कथित चोरी के मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने केरल उच्च न्यायालय में शुक्रवार को याचिका दायर कर तंत्री (मुख्य पुजारी) कंदरारु राजीवरु की जमानत रद्द किए जाने का अनुरोध किया।       एसआईटी ने दावा किया कि तंत्री को दी गई राहत के कारण''न्याय का घोर उल्लंघन'हुआ है।     कोल्लम स्थित जांच आयुक्त एवं विशेष न्यायाधीश (सतर्कता) की अदालत ने तंत्री को 18 फरवरी को जमानत दे दी थी। अदालत ने कहा था कि मंदिर की कलाकृतियों से सोने की कथित चोरी से संबंधित मामलों में तंत्री के खिलाफ''लेशमात्र भी सबूत'नहीं है।     विशेष जांच दल मंदिर के द्वारपालक (संरक्षक देवता) की मूर्तियों और श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों की चौखटों से सोने के कथित गबन की जांच कर रहा है।     राजीवरु मंदिर के द्वारपालक मामले में 16वें आरोपी हैं और श्रीकोविल मामले में 13वें आरोपी हैं। सतर्कता अदालत ने उन्हें दोनों मामलों में जमानत दे दी थी।     एसआईटी ने अतिरिक्त लोक अभियोजक (एपीपी) पी नारायणन के जरिये दायर अपनी याचिका में द्वारपालक मामले में तंत्री को दी गई जमानत को चुनौती दी है।     नारायणन ने कहा कि श्रीकोविल मामले में राजीवरु को दी गई जमानत को भी आने वाले दिनों में चुनौती दी जाएगी।     एसआईटी ने अपनी याचिका में तंत्री की जमानत रद्द करने के अलावा जांच के संबंध में सतर्कता अदालत द्वारा की गई प्रतिकूल टिप्पणियों को भी हटाए जाने का अनुरोध किया है।     उसने दावा किया है कि सतर्कता अदालत ने तंत्री को राहत देते समय''सभी तथ्यों, परिस्थितियों, प्रतिवादी (राजीवरु) द्वारा निभाई गई भूमिका और अन्य मुद्दों, रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों, आगे हिरासत की आवश्यकता तथा अभियोजन पक्ष द्वारा की गई कड़ी आपत्तियों की अनदेखी की।'    उसने यह भी दावा किया है कि विशेष अदालत की''अनावश्यक एवं गैरजरूरी टिप्पणियां'Óजारी जांच में भी दखल देंगी। 

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