इस्राएल और लेबनान के बीच 10 दिन का युद्धविराम कल रात से लागू
इस्राएल और लेबनान के बीच 10 दिन का युद्धविराम कल रात से लागू हो गया। युद्ध विराम से बेरूत में जश्न का माहौल है। युद्धविराम का उद्देश्य दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत का अवसर उपलब्ध कराना है। अमरीकी विदेश विभाग ने कहा है कि इस युद्धविराम से इस्राएल और लेबनान के बीच स्थायी सुरक्षा और शांति समझौते की दिशा में सद्भावपूर्ण बातचीत संभव हो पाएगी।
अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने इस्राएल और लेबनान के बीच 10 दिनों के युद्धविराम की घोषणा की। ट्रम्प ने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इस्राएल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई बातचीत को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि दोनों नेता शांति की राह पर चलने के लिए युद्धविराम पर सहमत हुए। श्री ट्रंप ने दोनों को 1983 के बाद पहली बार व्हाइट हाउस में सार्थक वार्ता के लिए आमंत्रित भी किया है।
नेतन्याहू ने अस्थायी युद्धविराम पर सहमति जताई, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि इस्राएल की सेना दक्षिणी लेबनान में बनी रहेगी।
इससे पहले, हिज़्बुल्लाह के महासचिव नईम कासिम ने इन वार्ताओं की निंदा करते हुए इन्हें इस्राएल और अमरीका को दी गई मुफ्त रियायत बताया था। लेबनान ने व्यापक वार्ता से पहले लड़ाई रोकने के लिए युद्धविराम पर जोर दिया और हिज़्बुल्लाह को शस्त्रहीन करने की प्रतिबद्धता जताई। लेबनान में मौजूदा युद्ध 2 मार्च को उस समय शुरू हुआ था, जब हिज़्बुल्लाह ने अमरीका-इस्राएल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के प्रतिशोध में इस्राएल पर हमले किए थे। युद्ध शुरू होने के बाद से लेबनान में दो हजार एक सौ से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और दस लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं।।

