पश्चिम एशिया युद्ध के कारण FY27 के लिए भारत की 7-7.4% जीडीपी वृद्धि का अनुमान अनिश्चित : वित्त मंत्रालय
नई दिल्ली, 30 अप्रैल - वित्त मंत्रालय की मासिक आर्थिक समीक्षा के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की 7 से 7.4 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का अनुमान पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण अनिश्चितता के घेरे में आ गया है। मंत्रालय ने कहा कि, भारत इस वित्त वर्ष में मजबूत घरेलू आर्थिक आधार के साथ प्रवेश कर रहा है, लेकिन बाहरी चुनौतियां इन परिस्थितियों की परीक्षा ले रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.6 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की, जो हाल के वर्षों में सबसे मजबूत प्रदर्शन में से एक रही।इसी आधार पर आगामी वर्ष के लिए 7-7.4 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया था, लेकिन पश्चिम एशिया युद्ध के बाद बदले वैश्विक आर्थिक परिदृश्य ने इस अनुमान पर असर डाला है।
मंत्रालय ने कहा कि, इस युद्ध के कारण अर्थव्यवस्था में “आपूर्ति झटका” उत्पन्न हुआ है, जिससे महंगाई, व्यापार और वित्तीय प्रवाह को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। उच्च कीमतों, बढ़ती महंगाई और आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती के कारण मांग में कमी का जोखिम भी सामने आ रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि, महंगाई लागत-आधारित (कॉस्ट-पुश) रूप ले सकती है, क्योंकि कंपनियां अपने बढ़ते खर्च का बोझ उपभोक्ताओं पर डाल सकती हैं। पेट्रोलियम क्षेत्र पर कई उद्योगों की निर्भरता के कारण ऊर्जा कीमतों में वृद्धि से पूरे अर्थतंत्र में लागत बढ़ने की आशंका है।

