ED ऑफिस पहुंचे विधायक रमन अरोड़ा
दिल्ली, 2 जून- पंजाब के जालंधर से 'आप' पार्टी के विधायक रमन अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हाल ही में समन भेजा था। वहीं इस मामले में आज रमन अरोड़ा ईडी दफ्तर पहुंचे, जहां वह अधिकारियों के समक्ष पेश हुए। ईडी दफ्तर में पहुंचते हुए की रमन अरोड़ा की वीडियो भी सामने आई है। वीडियो में देखा जा सकता है कि अधिकारियों द्वारा रमन अरोड़ा के फोन सहित अन्य सामान बॉक्स में रखवाया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार ईडी की यह जांच आय से अधिक संपत्ति के एक मामले से जुड़ी है, जिसके तहत मौजूदा विधायक को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने पहले ही गिरफ्तार किया था। बता दें कि रमन अरोड़ा पंजाब विधानसभा में जालंधर सेंट्रल निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। अरोड़ा के खिलाफ अपनी चार्जशीट में, पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने उन पर जालंधर में दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों से वसूली में शामिल होने का आरोप लगे थे।
ऐसे में पंजाब विजिलेंस की ओर से विधायक के खिलाफ दर्ज एफआइआर को आधार बनाकर ईडी ने अब मनी लांड्रिंग को लेकर जांच शुरू की है। इसी मामले को लेकर विधायक रमन अरोड़ा को जांच में शामिल होने के लिए ईडी अधिकारियों ने समन भेजा था और 2 जून को पूछताछ के लिए पेश होने के लिए कहा गया था। गौर हो कि विजिलेंस ब्यूरो का मामला उनकी कथित तौर पर 1.10 करोड़ रुपये की बेहिसाब संपत्ति रखने पर केंद्रित है। गिरफ्तारी के बाद, अरोड़ा को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की जांच में कथित तौर पर यह खुलासा हुआ है कि आप विधायक ने असिस्टेंट टाउन प्लानर (एटीपी) सुखदेव वशिष्ठ के साथ मिलकर गैर-कानूनी नोटिस जारी किए। इन नोटिसों के ज़रिए बिल्डिंग मालिकों को सीलिंग और तोड़फोड़ की धमकी दी गई, और मामलों को वापस लेने या सुलझाने के बदले में अवैध रिश्वत की मांग की गई।
अधिकारियों ने बताया कि उन्हें 2 जून को जालंधर स्थित ईडी कार्यालय में केंद्रीय एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है, जिसके बाद धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज किया जाना था। अधिकारियों के अनुसार, विधायक को इससे पहले पंजाब सतर्कता ब्यूरो द्वारा कथित तौर पर 1.10 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने भी पिछले साल 23 अगस्त को अरोड़ा के खिलाफ रंगदारी मांगने का एक मामला दर्ज किया था। बाद में 22 सितंबर को जालंधर की एक अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी।

