बाबू भगवान दास अरोड़ा को याद करते हुए 

पुण्यतिथि पर विशेष 

कहते हैं कि जिन लोगों ने लोक सेवा के ज़रिये तथा अपने फज़र्ों के प्रति पूरी तरह समर्पित होकर संघर्ष भरे जीवन से बुलंदियों को छूआ हो, वे सदियों तक लोगों के दिलों पर राज करते हैं। लोग ऐसी विलक्षण शख्सियतों के उदाहरण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना लेते हैं। ऐसी ही एक बड़ी शख्सियत थे पंजाब के पूर्व मंत्री बाबू भगवान दास अरोड़ा सुनाम उधम सिंह वाला, जिन्होंने अपने व्यक्तित्व के अलग-अलग पहलुओं के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग चाहे वह उनके राजनीतिक विरोधी ही क्यों न हों, के मन में एक अलग स्थान बनाया। उन्हें सुनाम के विकास पुरुष के रूप में जाना जाता था। 
दूरदर्शी स्वभाव की परमात्मा की बखशिश के मालिक बाबू भगवान दास अरोड़ा ने 12 दिसम्बर, 1942 को माता मुन्नी देवी तथा पिता बुद्ध राम के घर गांव बडरुक्खां (संगरूर) में जन्म लिया। प्राथमिक तथा अन्य शिक्षा मस्तुआणा साहिब तथा संगरूर से प्राप्त की। बचपन के बाद सम्भली हुई आयु में उन्होंने ट्रांसपोर्ट का काम शुरू किया। इसके बाद उन्होंने जीवन की गति को और तेज किया। सन् 1981 से वह ट्रक यूनियन सुनाम के कई वर्ष प्रधान रहे। इससे पहले उन्होंने कमल बस तथा अमनदीप बस की शुरुआत की। बाद में एक ट्रांसपोर्ट कम्पनी, फाइनांस कम्पनी, फ्लोर मिल तथा कोल्ड स्टोर की शुरुआत की। श्री अरोड़ा लैंड मार्टगेज बैंक संगरूर के डायरैक्टर भी रहे। 
1991 में उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। हर दिल अज़ीज़ होने के कारण लोगों के दुख-तकलीफों को अपने शरीर पर सहन करने के अनोखे गुण, गरीबों तथा मज़दूरों के प्रति आह का नारा देने की आदत होने के कारण इन चुनावों में उन्होंने अपना सार्वजनिक आधार काफी मज़बूत बना लिया था, हालांकि ये चुनाव स्थगित हो गए थे। 1992 में पंजाब विधनसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस की टिकट पर बड़े अंतर से जीत हासिल की और पंजाब सरकार में खाद्य एवं आपूर्ति, जंगलात, जेल एवं न्याय, बिजली तथा ट्रांसपोर्ट मंत्री रहे। अपनी ज़िम्मेदारियां निभाते हुए उन्होंने हलका सुनाम के चौतरफा विकास का एक इतिहास रच दिया, जो आज भी लोगों के मुंह चढ़ कर बोलता है। यही कारण था कि 1997 के चुनाव में अकाली दल की आंधी होने के बावजूद वह विधायक चुने गए। उन्होंने अपने क्षेत्र में गुरु नानक देव डैंटल कालेज और रिसर्च इंस्टीच्यूट सुनाम खोल कर इसे शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीय नक्शे पर ला दिया। सुनाम की इस अहम शख्सियत को सुनाम के लोगों से 3 जुलाई, 2000 की रात ने सदा के लिए छीन लिया। 
आज उनकी ओर से शुरू किए गये डैंटल कालेज में उनके बेटे कैबिनट मंत्री तथा ‘आप’ के पंजाब अध्यक्ष श्री अमन अरोड़ा उनके सपनों को साकार कर रहे हैं। श्री अमन अरोड़ा ने बाबू भगवान दास अरोड़ा द्वारा मिली विकास की राजनीतिक विरासत को अपनी सतत एवं दूरदर्शी सोच से विकास के पौधे को पेड़ में बदल दिया है। शहीद उधम सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि देते हुए उनके स्मारक के पूर्ण कायाकल्प का प्रोजैक्ट, जिसमें संग्रहालय, यादगारी गेट, 7-4 का थिएटर निर्माण शामिल है, वह लेकर आए हैं। उन्होंने क्षेत्र में तीन शहरों सुनाम, लौंगेवाल तथा चीमा में अत्याधुनिक अस्पताल बनाए (सुनाम में ट्रोमा सैंटर तथा ड्रग वेयर हाऊस का सौगत दी)। खेलों के क्षेत्र में 31 ग्रामीण स्टेडियमों का निर्माण, सुनाम ऊधम सिंह वाला में सिंथैटिक ट्रैक और हाकी एस्ट्रोटर्फ, इस के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने के लिए आधुनिक रिहायशी स्टोर्ट्स कम्पलैक्स उनकी बड़ी देन है। 
आज 3 जुलाई को बाबू भगवान दास अरोड़ा की 26वीं पुण्यतिथि गुरु नानक देव डैंटल कालेज सुनाम में मनाई जा रही है, जहां दांतों के मुफ्त एवं मैडिकल कैम्प में हज़ारों लोग अपनी बीमारियों का इलाज करवाएंगे और उस महान शख्सियत, विकास पुरुष श्री भगवान दास अरोड़ा को श्रद्धा के फूल भेंट करेंगे।

-मो. 94179-20753 

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