सैकड़ों इंटरनेशनल स्टूडेंट्स का भविष्य हुआ धुंधला, जारी नहीं किए गए वर्क परमिट

कैलगरी, 24 जुलाई (जसजीत सिंह धामी) - ये स्टूडेंट्स 2022 से 2024 तक अपना भविष्य बेहतर बनाने के लिए एक प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन लेकर कैलगरी आए थे। अपनी पूरी पढ़ाई पूरी करने के बावजूद, ये स्टूडेंट्स आज सड़कों पर आ गए हैं क्योंकि उन्हें उनके वर्क परमिट जारी नहीं किए गए हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, बताया जा रहा है कि करीब 1000 हजार बच्चों का भविष्य खतरे में है, जिन्हें वर्क परमिट जारी नहीं किए गए हैं। कुछ बच्चे ऐसे भी हैं जिन्हें वर्क परमिट जारी किए गए हैं। बच्चों में इस बात का गुस्सा है कि सभी बच्चों ने एक साथ कॉलेज में पढ़ाई की है, फिर उनके साथ के बच्चों के साथ सौतेली मां जैसा बर्ताव क्यों किया गया है।

बेशक, दोबारा फाइल करने के लिए 90 दिन का समय दिया जाता है, लेकिन उसमें भी यह पक्का नहीं है कि उन बच्चों को वर्क परमिट जारी किया जा सकेगा। यह अब सिर्फ कैलगरी शहर का मामला नहीं रहा, अब पड़ोसी शहर एडमोंटन में भी बच्चों के साथ ऐसा ही हुआ है। बेशक, कुछ कम्युनिटी के लोग बच्चों को सपोर्ट करने के लिए आगे आ रहे हैं। लेकिन अभी तक पंजाबी समुदाय का कोई भी चुना हुआ प्रतिनिधि जैसे MLA, पार्षद और MP नहीं पहुंचा है।

आज देर शाम बच्चे नॉर्थ ईस्ट में भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं, यह इलाका पंजाबी समुदाय की घनी आबादी वाला है। बच्चों से बात करने पर उन्होंने कहा कि अभी यह कहना मुमकिन नहीं है कि यह भूख हड़ताल कब तक चलेगी। खबर लिखे जाने तक बच्चों ने कोई भी बयान जारी करने से परहेज किया है।

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