पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा का ज़रूरी खुलासा करने की मांग वाली याचिका पर SC 31 अगस्त को सुनवाई करेगा 



नई दिल्ली, 29 अगस्त (PTI) सुप्रीम कोर्ट 31 अगस्त को एक याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें केंद्र और दूसरों को पेट्रोल पंप पर हर डिस्पेंसिंग नोजल पर पेट्रोल में इथेनॉल का सही प्रतिशत बताने के लिए ज़रूरी और एक जैसी लेबलिंग सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट की 31 अगस्त की कॉज़लिस्ट के अनुसार, यह याचिका जस्टिस एम एम सुंदरेश और प्रसन्ना बी वराले की बेंच के सामने सुनवाई के लिए आएगी। नरेंद्र कुमार गोस्वामी द्वारा दायर की गई याचिका में यह भी निर्देश देने की मांग की गई है कि हर फ्यूल इनवॉइस में बेचे जाने वाले पेट्रोल में इथेनॉल का प्रतिशत साफ तौर पर और साफ-साफ लिखा होना चाहिए। याचिका में कहा गया है, "प्रतिवादियों (केंद्र और अन्य) को एक तय समय के अंदर एक ऑफिशियल, पब्लिक, गाड़ी के हिसाब से कम्पैटिबिलिटी डेटाबेस तैयार करने और पब्लिश करने का निर्देश दें, जिसे मैन्युफैक्चरर, मॉडल, इंजन टाइप और बनने के साल के हिसाब से खोजा जा सके, जिसमें हर गाड़ी के लिए अलग-अलग इथेनॉल ब्लेंड सही हैं या नहीं, यह बताया गया हो।" इसमें पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय, रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे, ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स और दूसरे मंत्रालयों के प्रतिनिधियों, जिसमें इंडिपेंडेंट ऑटोमोबाइल इंजीनियर भी शामिल हों, की एक इंडिपेंडेंट एक्सपर्ट कमेटी बनाने की भी मांग की गई है, जो मौजूदा गाड़ियों में E20 की असल दुनिया में गाड़ियों के साथ कम्पैटिबिलिटी पर एक पब्लिक रिपोर्ट की जांच करे और उसे जमा करे।

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