एक सप्ताह के अंदर PG और हॉस्टलों का ऑडिट करे MCD - दिल्ली हाई कोर्ट का निर्देश

नई दिल्ली, 7 सितंबर - दिल्ली हाई कोर्ट ने PG और हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की और MCD को एक सप्ताह के अंदर PG और हॉस्टलों का ऑडिट करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी न केवल भवन मालिकों की है, बल्कि संबंधित अधिकारियों की भी है।

हाई कोर्ट ने कहा कि यदि अधिकारियों ने अपने कानूनी कर्तव्यों को सही तरीके से निभाया होता, तो ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता था। MCD को यह बताने के लिए कहा गया कि क्या PG आवासों के लिए कोई नियामक ढांचा मौजूद है। अदालत ने दिल्ली विश्वविद्यालय को बाहरी छात्रों और हॉस्टल सुविधाओं का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

हाई कोर्ट ने वैध भवन अनुमतियों और संबंधित अधिकारियों द्वारा किसी भी तरह की लापरवाही के विवरण भी मांगे। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि अपर्याप्त हॉस्टल सुविधाएं DU से बाहर के कई छात्रों को PG आवासों पर निर्भर होने के लिए मजबूर करती हैं।

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