जंतर-मंतर पर बैठक/प्रदर्शन/धरना या विरोध प्रदर्शन के लिए सक्षम अधिकारी से पहले अनुमति लेना जरूरी - सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर- दिल्ली पुलिस का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की रिट याचिका (सिविल) ‘मजदूर किसान शक्ति संगठन बनाम भारत सरकार एवं अन्य’ में दिए गए आदेशों और इन आदेशों की पालना में जारी दिल्ली पुलिस के स्टैंडिंग ऑर्डर (स्थायी आदेश) के अनुसार, जंतर-मंतर पर किसी भी बैठक, प्रदर्शन, धरना या विरोध प्रदर्शन के लिए सक्षम अधिकारी से पहले अनुमति लेना अनिवार्य है।
ऐसी अनुमति के लिए आवेदन प्रस्तावित कार्यक्रम से कम से कम 10 दिन पहले डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस, नई दिल्ली जिला को सौंपना जरूरी है।
इसके अलावा, सेंट्रल विस्टा क्षेत्र- जिसमें इंडिया गेट, सी-हेक्सागन, मान सिंह रोड, जनपथ, राजपथ और आसपास के लॉन शामिल हैं- में विरोध प्रदर्शन, प्रदर्शन और धरना करने पर रोक है।
दिल्ली पुलिस के वर्ष 2022 के स्टैंडिंग ऑर्डर में प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों की संभावित संख्या के आधार पर निर्धारित स्थानों की जानकारी भी दी गई है:
1,000 तक प्रतिभागी — जंतर-मंतर
1,000 से 50,000 प्रतिभागी — रामलीला मैदान
50,000 से अधिक प्रतिभागी — बुराड़ी
संबंधित सभी व्यक्तियों के लिए इन निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। किसी भी तरह के उल्लंघन की स्थिति में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

