जत्थेदार गड़गज्ज ने बेअदबी कानून में संशोधन मामले में सरकार का जवाब खारिज किया
अमृतसर, 30 जुलाई (जसवंत सिंह जस) – पंजाब सरकार द्वारा पास किए गए जगत ज्योत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अमेंडमेंट एक्ट 2026 के कई क्लॉज़ और शब्दों पर श्री अकाल तख्त साहिब, शिरोमणि कमेटी और सिख संगठनों की तरफ से एतराज़ जताए जाने के बाद, इस मामले में कल अकाल तख्त साहिब सेक्रेटेरिएट को भेजे गए सरकार के जवाब को खारिज करते हुए, श्री अकाल तख्त साहिब के एक्टिंग जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने आज यहां कहा कि सरकार बेअदबी के दोषियों के लिए सज़ा तय कर सकती है, लेकिन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी पर कोई सेक्युलर कानून लागू नहीं होता।
उन्होंने कहा कि 29 जून को श्री अकाल तख्त साहिब की तरफ से उठाए गए एतराज़ों में से सरकार की तरफ से सिर्फ एक एतराज हटाया गया है, जबकि 90 परसेंट एतराज वाले क्लॉज़ पहले जैसे ही हैं। उन्होंने कहा कि जब तक अकाल तख्त साहिब की तरफ से उठाए गए एतराज पूरी तरह से हटाए नहीं जाते, तब तक इस कानून का कोई फायदा नहीं है। हमें सरकार की झूठी हमदर्दी नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में श्री अकाल तख्त साहिब ने सिख वकीलों की पांच सदस्यों की कमेटी बनाई है, जिसमें जस्टिस (रिटायर्ड) आर.एस. सोढ़ी, जस्टिस (रिटायर्ड) महिंदर मोहन सिंह बेदी, एडवोकेट पूरन सिंह हुंदल, डॉ. केहर सिंह पटियाला और प्रो. जगमोहन सिंह टोनी लुधियाना को शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार दो महीने के अंदर श्री अकाल तख्त साहिब की तरफ से उठाई गई आपत्तियों को दूर करे, नहीं तो अकाल तख्त साहिब की तरफ से पंथिक नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सिख विधायकों और मंत्रियों से भी कहा कि वे 3 अगस्त को विधानसभा सेशन के दौरान गुरु दोखी पंथ के खिलाफ न जाएं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भाई बलवंत सिंह राजोआना के मामले पर उनकी भावनाओं के मुताबिक जल्द ही फैसला लिया जाएगा।

