जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत सार्वजनिक कुओं के जीर्णोद्धार से जल संरक्षण को मिली मजबूती


पटना,20 फरवरी  बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत ग्रामीण विकास विभाग की ओर से अभियान के अवयव-03 के तहत सार्वजनिक कुओं के जीर्णोद्धार का कार्य निरंतर एवं प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। 
    इस पहल का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक जल स्रोतों का संरक्षण करना, भू-जल स्तर में सुधार लाना तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जल सुरक्षा को सु²ढ़ करना है।अभियान के अंतर्गत राज्य भर में सार्वजनिक कुओं की पहचान के लिये विशेष सर्वेक्षण कराया गया है। सर्वेक्षण के आधार पर जर्जर अवस्था में पहुंचे, गाद से भरे, अतिक्रमित अथवा लंबे समय से अनुपयोगी हो चुके सार्वजनिक कुओं को प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है। इसके बाद संबंधित विभागों द्वारा तकनीकी मानकों के अनुरूप इन कुओं के जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा रहा है।
   जीर्णोद्धार कार्यों के अंतर्गत कुओं की गाद निकासी, दीवारों की मरम्मत, चबूतरा निर्माण, प्लेटफॉर्म का सु²ढ़ीकरण एवं अन्य आवश्यक संरचनात्मक सुधार किए जा रहे हैं, जिससे कुएँ पुन: उपयोग योग्य बन सकें। इन कार्यों से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा तथा भू-जल रिचार्ज की प्रक्रिया को मजबूती प्राप्त होगी। साथ ही, यह पहल पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होगी।
   ग्रामीण विकास विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि जल संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं है, बल्कि इसमें जनभागीदारी की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से ही इस अभियान को सफल बनाया जा रहा है। स्थानीय समुदाय की भागीदारी से सार्वजनिक जल स्रोतों का संरक्षण दीर्घकालिक रूप से संभव हो सकेगा।
    उल्लेखनीय है कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत अब तक राज्य में कुल 38,404 सार्वजनिक कुओं के जीर्णोद्धार का कार्य सफलतापूर्वक कराया जा चुका है। विभाग द्वारा भविष्य में भी इस अभियान को और व्यापक रूप देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

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