काली माता मंदिर के पास फायरिंग का मामला: दोनों पक्षों के 8 आरोपी गिरफ्तार

मोगा, 17 मार्च- मोगा में 10 मार्च को काली माता मंदिर के पास हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को मेडिकल जांच के बाद कोर्ट में पेश किया गया।

जानकारी के मुताबिक, पिछले मंगलवार को सिटी साउथ पुलिस ने काली माता मंदिर के पास स्कॉर्पियो गाड़ी पर हुई फायरिंग में घायल हुए कुलजीत सिंह को रविवार को एक पुराने मामले में उसके साथियों के साथ लुधियाना से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में आम आदमी पार्टी का एक वर्कर भी शामिल है, जिसका सोमवार को मेडिकल जांच हुई। इसके बाद सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया। जबकि, पुराने मामले में वॉन्टेड कुलजीत सिंह समेत केस नंबर 95 के क्रॉस केस में शामिल आम आदमी पार्टी के वर्कर से पूछताछ के लिए कोर्ट ने दो दिन का पुलिस रिमांड दिया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए जानकारी देते हुए DSP सिटी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि 10 मार्च को काली माता मंदिर के पास स्कॉर्पियो गाड़ी में जा रहे कुलजीत सिंह को कुछ लोगों ने गोली मार दी थी। इस बारे में जानकारी मिलने पर थाना सिटी साउथ के इंचार्ज गुरविंदर सिंह भुल्लर ने FIR नंबर 95 के तहत छह लोगों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किया। शुरू में कुलजीत सिंह ने आरोप लगाया था कि उस पर गोली चलाई गई, लेकिन पुलिस जांच में पता चला कि कुलजीत सिंह ने पहले दूसरी पार्टी पर गोली चलाई थी। जांच के दौरान पुलिस ने पहली पार्टी के जगदेव सिंह उर्फ ​​जग्गा को गिरफ्तार किया, जिसके खिलाफ आठ केस दर्ज हैं और वह A कैटेगरी का गैंगस्टर है। पुलिस ने उसे भगोड़ा भी घोषित कर दिया है। जगदेव सिंह के खिलाफ शिवसेना नेता मंगत सिंह मंगा की हत्या के आरोप में भी सेक्शन 302 के तहत केस दर्ज है। इसके अलावा गुरप्रीत सिंह उर्फ ​​भूरा, हरजोत सिंह और रविंदर सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है, जिनके खिलाफ दो से तीन केस दर्ज हैं। वहीं, दूसरे पक्ष के कुलजीत सिंह, अमित पुरी, राजदीप सिंह और कृष्ण कुमार को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

DSP सिटी ने बताया कि इन आरोपियों पर अलग-अलग धाराओं के तहत कई केस दर्ज हैं और वे कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे, जिसके चलते पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पहले पक्ष से सात लोगों को नामजद किया है, जबकि दूसरे पक्ष से आठ लोगों को केस में शामिल किया है। उन्होंने आगे बताया कि फायरिंग से पहले कुलजीत सिंह ने काली माता मंदिर के पास एक झोपड़ी में बैठकर घटना की प्लानिंग की थी और उसके बाद फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश थी और इस संबंध में पहले भी कई केस दर्ज हैं। कुलजीत सिंह के खिलाफ कुल पांच केस दर्ज हैं।

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