हिमाचल :मौसम ने ली करवट ,माता शिकारी का क्षेत्र लिपटा चांदी की सफेद चादर में 

 

गोहर : गर्मी का एहसास दिलाने के बाद चैत्र नवरात्रों के शुरुआत में ही मौसम ने करवट ली और  जय कर बर्फबारी हो रही है। मंडी जनपद के सरताज कहे जाने वाले सिराज क्षेत्र की आराध्य देव स्थल  व सबसे मशहूर पर्यटन स्थल माता शिकारी के चारों तरफ बर्फ ही बर्फ दिखाई दे रही है। इस बर्फबारी से माता शिकारी की चारों तरफ अलौकिक दृश्य देखने को मिल रहा है। गौरतलब है कि माता शिकारी जहां पर माता शिकारी का भव्य मंदिर विराजमान है काबिले जिक्र है कि शिकारी देवी की पहाड़ियों के चारों तरफ  चाहे जितनी भी  बर्फ़ पड़ जाए मगर माता की पिंडलियों के ऊपर और मंदिर के बीच में कभी बर्फ नहीं पड़ती । यह कुदरत का अनोखा करिश्मा है । कई मर्तबा मंदिर के ऊपर छत डालने की कोशिश की गई मगर सदियों से माता के मंदिर के ऊपर छत नहीं डाली जा सकी। जब भी छत डालने की कोशिश करते हैं छत टूट जाती है या कोई ना कोई अनर्थ होता है। इसलिए कहा जाता है की माता शिकारी के मंदिर व माता की पिंडलियों के ऊपर कभी छत नहीं पड़ेगी। आप भी इस वीडियो के माध्यम से  माता शिकारी का अलौकिक दृश्य देखें   चारों तरफ बर्फ ही बर्फ दिखाई दे रही है और चोटी पर माता शिकारी का बिना छत का सुंदर मंदिर सुशोभित दिखाई दे रहा है।।
माता शिकारी के दर्शन करने के लिए आपको मंडी से बस कार टैक्सी या निजी वाहन से नेरचौक बग्गी चैल चौक बगस्याड थुनाग होते हुए जंजैहली पहुंचना पड़ता है जहां अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हैं जंजैहली से  14 किलोमीटर का रौमांचित देवदार व कैल के जंगलों से होते हुए भूलाह से माता शिकारी के प्रांगण तक कार टैक्सी दोपहिया वाहनों व पैदल पहुंचा जा सकता है।वहां रहने ठहरने खाने की व्यवस्था है। नवंबर से 15 फरवरी तप भारी बर्फबारी के कारण माता शिकारी जाने के लिए आधिकारिक तौर पर मनाही रहती है।
 

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