पंजाब सरकार ने सांझ पोर्टल से FIR डाउनलोड करने का फैसला लिया वापिस
चंडीगढ़, अजनाला (गुरप्रीत सिंह ढिल्लों), 26 मार्च - पंजाब सरकार ने सांझ पोर्टल से FIR डाउनलोड करने के लिए 80 रुपये फीस लेने का फैसला वापस ले लिया है। गौरतलब है कि 80 रुपये फीस लेने का फैसला लागू होने के बाद पंजाब के लोगों में सरकार के खिलाफ भारी विरोध हुआ था। पंजाब सरकार ने इस संबंध में जारी नोटिफिकेशन को वापस लेते हुए नया नोटिफिकेशन भी जारी किया है।
सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डीके तिवारी द्वारा जारी एक नई अधिसूचना में कहा गया है कि पंजाब के राज्यपाल की स्वीकृति से, सांझ पोर्टल से एफआईआर डाउनलोड करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। एचटी के पास मौजूद इस आदेश की एक प्रति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आवेदकों से सांझ केंद्रों से एफआईआर की प्रतियां प्राप्त करने के लिए भी कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
अधिसूचना में आगे कहा गया है, "80 रुपये का सेवा शुल्क लगाने वाली पिछली अधिसूचना तत्काल प्रभाव से वापस ले ली गई है।"
इससे पहले, सुशासन और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने 23 मार्च से एफआईआर डाउनलोड को दंडनीय अपराध बनाने के लिए एक अधिसूचना जारी की थी। इस कदम के कड़े विरोध के बीच, बुधवार को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में अधिसूचना को रद्द करने की मांग करते हुए एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई।
अधिसूचना में आगे कहा गया है, "80 रुपये का सेवा शुल्क लगाने वाली पिछली अधिसूचना तत्काल प्रभाव से वापस ले ली गई है।"
इससे पहले, सुशासन और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने 23 मार्च से एफआईआर डाउनलोड को दंडनीय अपराध बनाने के लिए एक अधिसूचना जारी की थी। इस कदम के कड़े विरोध के बीच, बुधवार को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में अधिसूचना को रद्द करने की मांग करते हुए एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई।

