चंडीगढ़ : भाजपा कार्यालय के बाहर धमाके के मामले में पुलिस को मिली बड़ी सफलता
चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय के बाहर धमाके के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने फतेहगढ़ साहिब के रहने वाले दोनों हमलावरों की पहचान कर ली है। हमले के बाद सड़क पार कर हमलावर एसी बस में चढ़े और खरड़ में उतरकर भाग गए थे। गुमराह करने के लिए हाथ में हेलमेट, पहचान छिपाने की कोशिश की थी।
चंडीगढ़ के सेक्टर-37 में पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर ग्रेनेड हमले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने हमलावरों की पहचान कर ली है। ग्रेनेड हमले के बाद आरोपियों के भागने की पूरी कहानी सीटीयू बस के सीसीटीवी कैमरों से सामने आई है। हमले के तुरंत बाद आरोपी सड़क पार कर सीटीयू की एसी बस में सवार हुए और खरड़ पहुंचकर भाग निकले।
दोनों की पहचान फतेहगढ़ साहिब के गांव रतनगढ़ निवासी अमरप्रीत ऊर्फ अमन और गुरतेज के रूप में हुई है। बुधवार शाम करीब 5:53 बजे हमले के दो मिनट के भीतर आरोपी सेक्टर-37/24 बस स्टॉप से बस नंबर 35-डी में चढ़े।
बस में लगे कैमरों में दोनों आरोपी कैद हो गए है। इनमें एक सरदार युवक था, जिसने चेहरे पर काला रूमाल बांध रखा था जबकि दूसरा युवक ग्रेनेड फेंकने वाला बताया जा रहा है।
एसएसपी कंवरदीप कौर खुद इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रही हैं और आरोपियों के रूट को ट्रेस करते हुए खरड़ तक पहुंचीं। पुलिस ने बस के कंडक्टर और ड्राइवर से कई घंटे पूछताछ की और पूरी बस की तलाशी भी ली। हालांकि बस से कोई संदिग्ध सामान बरामद नहीं हुआ।
हेलमेट से गुमराह करने की कोशिश
हमले के दौरान सामने आए वीडियो में आरोपी के हाथ में हेलमेट देखा गया था। जांच में खुलासा हुआ कि यह पुलिस को गुमराह करने की साजिश थी ताकि यह लगे कि हमलावर बाइक पर आए थे जबकि हकीकत में दोनों पैदल ही मौके से भागकर बस में चढ़े थे।
किराये के लिए किया डिजिटल ट्रांजेक्शन
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों के पास बस का पूरा किराया नहीं था। खरड़ तक का किराया 40 रुपये था लेकिन उनके पास केवल 20-20 रुपये के दो नोट थे। एक आरोपी ने बस में मौजूद एक युवक को गूगल पे के जरिये 40 रुपये ट्रांसफर किए और उससे नकद राशि लेकर टिकट लिया। यह ट्रांजेक्शन पुलिस के लिए अहम सुराग बना, जिससे आरोपियों के मोबाइल नंबर और बैंक डिटेल्स तक पहुंच बनाई गई।

