आओ जानें ट्रेन का इंजन बंद क्यों नहीं किया जाता
प्यारे बच्चो, आपने अक्सर ही ट्रेन (रेल गाड़ी) देखी होगी या ट्रेन पर सफर किया होगा। क्या आपने कभी सोचा है कि ट्रेन का इंजन हमेशा स्टेशन पर स्टार्ट ही रहता है, इसको बंद नहीं करते। आओ आज इसके कारणों के बारे में जानकारी प्राप्त करें।
बच्चो, ट्रेन अलग-अलग स्टेशनों पर रुकती है। यात्री इन ट्रेनों में से उतर कर चले जाते हैं और नये यात्री आ जाते हैं। कई बार ट्रेन काफी देर खड़ी रहती है परन्तु ट्रेन का इंजन हमेशा स्टार्ट ही रहता है। ट्रेन का इंजन स्टार्ट करने के लिए 15 से 20 मिनट का समय लगता है। यदि प्रत्येक स्टेशन पर जाकर यह इंजन बंद किया जाए तो ट्रेन की समय सारणी बिगड़ जाएगी। दूसरा, इंजन के ब्रेक किसी पैंडल के साथ नहीं लगते बल्कि हवा के प्रैशर से लगते हैं। यह हवा का प्रैशर यदि नहीं बनेगा तो ट्रेन की ब्रेक नहीं लगेगी और ट्रेन अपने-आप ही चल पड़ेगी। तीसरा मुख्य कारण ट्रेन की जितनी भी लाइटें हैं या ए.सी. लगे हैं, यह सभी बंद हो जाएंगे, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होगी। चौथा कारण यदि इंजन को बार-बार स्टार्ट या बंद किया जाएगा तो इंजन के पुर्जे जल्द खराब हो जाते हैं क्योंकि ये पुर्जे इंजन के स्टार्ट करने के साथ फैलते हैं और बंद करने के साथ सिकुड़ जाते हैं। रेल का इंजन केवल उस समय ही बंद किया जाता है जब इसको यार्ड में लम्बे समय के लिए खड़ा करना होता है या इसको रिपेयर/मेंटेनस करना होता है।
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