दुनिया की ‘आम’ राजधानी कहां है ?
‘दीदी, इस गर्मी में अब तो यह दिल कर रहा है कि बरसात हो, आम हों, मीठे हों और बहुत हों।’
‘वाह छोटे मियां, ़गालिब की तरह फरमाइश कर रहे हो।’
‘अब आप ही बताएं आम किसे पसंद नहीं हैं?’
‘सिर्फ गधे को, जैसा ़गालिब कहते थे।’
‘हां, यह बात तो है।’
‘लेकिन क्या तुम्हें मालूम है कि दुनिया की आम राजधानी कहां है?’
‘मालदा, पश्चिम बंगाल में।’
‘मालदा अपनी ‘फजली’ किस्म के आम के लिए विख्यात अवश्य है और इसे भारत की मैंगो सिटी भी कहते हैं, लेकिन यह दुनिया की आम की राजधानी नहीं है।’
‘फिर दुनिया की आम राजधानी कहां है?’
‘लखनऊ के पास एक छोटा सा ख़ूबसूरत कस्बा है मलिहाबाद और वह ही दुनिया की आम की राजधानी कहलाता है।’
‘यह खिताब पाने के लिए मलिहाबाद में ऐसा क्या खास है?’
‘तुमने ठेले पर आम बेचने वालों को यह आवाज़ लगाते हुए तो सुना होगा- ‘मलिहाबाद की दसहेरी ले लो, मीठी मीठी दसहेरी ले लो’ यानी इस कस्बे के नाम से इसके आम बेचे जाते हैं।’
‘क्यों?’
‘इसकी एक खास वजह यह है कि मलिहाबाद में आम उगाने की एक पुरानी परम्परा रही है, जिसका इतिहास नवाबों के दौर से जुड़ा हुआ है। यहां की आबोहवा और उपजाऊ मिट्टी आम की खेती के लिए बहुत लाभकारी है। इस कारण यहां पैदा होने वाले आमों की मिठास, मनमोहक ख़ुशबू और मुलायम गूदे का कोई मुकाबला ही नहीं है। तुम्हें जानकर आश्चर्य होगा कि मलिहाबाद की शान माने जाने वाले दसहेरी आम का 200 साल पुराना ‘मातृ पेड़’ आज भी यहां शान के साथ खड़ा हुआ है।’
‘मलिहाबाद में क्या सिर्फ दसहेरी आम ही होते हैं?’
‘दसहेरी मलिहाबाद की शान अवश्य है, लेकिन यहां अन्य किस्म के आम भी बहुत अच्छे व स्वादिष्ट होते हैं, जिनमें लंगड़ा, चौसा, सफेदा और आम्रपाली विशेषरूप से शामिल हैं।’
-इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर

