आज एक सफल बिज़नेस वुमन हैं पूनम ढिल्लों
अमरीक सिंह भारतीय वायु सेना में एयरोनॉटिकल इंजीनियर थे। उनका निरंतर ट्रांसफर होता रहता था। वह जब कानपुर में पोस्टेड थे, तो उनके घर में उनकी तीसरी संतान पूनम ढिल्लों ने 18 अप्रैल 1962 को जन्म लिया। चूंकि अमरीक सिंह की दो संतानें (बलजिंदर सिंह ढिल्लों व रेशमा ढिल्लों-पाई) डॉक्टर थीं, इसलिए पूनम भी डॉक्टर ही बनना चाहती थीं, विशेषकर इसलिए कि वह पढ़ाई में बहुत अच्छी थीं लेकिन किस्मत को तो कुछ और ही मंजूर था। बहरहाल, जब पूनम चंडीगढ़ के कारमेल कान्वेंट में शिक्षा प्राप्त कर रही थीं तो उन्होंने अपनी सुंदरता को ध्यान में रखते हुए एक सौंदर्य प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, जिसके लिए उनकी दोस्तों ने भी उन्हें प्रेरित किया था। उन्हें 1978 में मिस यंग इंडिया ताज से सम्मानित किया गया। नतीजतन उनकी ख्याति दूर तक पहुंची। एक पत्रिका के कवर पर निर्माता निर्देशक यश चोपड़ा ने उनकी तस्वीर देखी और उन्हें अपनी एक फिल्म के लिए किरदार मिल गई।
यश चोपड़ा ने पूनम को अपनी फिल्म ‘त्रिशूल’ (1978) में कास्ट किया, जिसका उन पर और सचिन पिलगांवकर पर फिल्माया गया गाना ‘गापूची गापूची गम गम’ बहुत फेमस हुआ और युवा प्रेमियों का एंथम बन गया। पूनम डॉक्टर बनने की बजाये फिल्म अदाकारा बन गईं। इसके बाद यश चोपड़ा ने पूनम को फारूक शेख के साथ अपनी फिल्म ‘नूरी’ (1979) में शीर्षक भूमिका दी। इस कम बजट की फिल्म को भद्रवाह, कश्मीर में शूट किया गया था। ‘नूरी’ बॉक्स ऑफिस पर ज़बरदस्त हिट रही, खासकर खय्याम के मंत्रमुग्ध करने वाले संगीत की वजह से, जिसे आज तक पसंद किया जाता है। इस फिल्म के लिए पूनम को फिल्मफेयर के बेस्ट एक्ट्रेस अवार्ड के लिए नोमिनेट किया गया। अवार्ड तो नहीं मिला, लेकिन पूनम एक अभिनेत्री के रूप में बॉलीवुड में स्थापित हो गईं और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
पूनम ने लगभग 90 फिल्मों में काम किया, जिनमें सोहनी महिवाल, रेड रोज़, तेरी कसम, दर्द, निशाना, ये वादा रहा, समुद्र, रोमांस, कसम, सितमगर आदि काफी चर्चित व सफल रहीं। पूनम ने राजेश खन्ना के साथ छह फिल्मों में काम किया। उन्होंने बंगाली, कन्नड़, तेलगु, तमिल फिल्मों में भी सफलतापूर्वक काम किया। वह बिग बॉस के सीजन तीन (2009) में सेकंड रनरअप रहीं। भारतीय टेलीविजन पर लीड भूमिका में उनकी ज़बरदस्त वापसी 2013 में सीरियल ‘एक नयी पहचान’ से हुई, जिसमें वह एक रईस बिज़नेसमैन की अशिक्षित किन्तु आदर्श पत्नी की भूमिका में थीं। दिलचस्प बात यह है कि पूनम ने थिएटर में भी काम किया। वह ‘परफेक्ट हस्बैंड’ में थीं, जिसे सर्वश्रेष्ठ हास्य नाटक का पुरस्कार मिला था और जिसने अपने मंचन की गोल्डन जुबली भी मनायी। वह नाटक ‘प्यार में कभी कभी’ में आसिफ शेख के साथ भी थीं। मराठी नाटक ‘यू टर्न’ के हिंदी वज़र्न में भी उन्हें बहुत पसंद किया गया था। पूनम ने हिंदी फिल्मोद्योग में मेकअप वैन का कंसेप्ट भी आरंभ किया। वह यह व्यापार 1991 से कर रही हैं। उनकी अपनी मेकअप वैन कंपनी है, ‘वैनिटी’ के नाम से। पूनम ने 1988 में निर्माता अशोक ठकेरिया से शादी की, दो बच्चे हुए- बेटी पलोमा व बेटा अनमोल, लेकिन यह शादी ज्यादा चल न सकी और 1997 में तलाक हो गया। पूनम ने सिंगल मदर के रूप में अपने बच्चों की परवरिश की और उन्हें काबिल बनाया। तलाक के बाद पूनम मायूस होकर एक तरफ नहीं बैठीं बल्कि अन्य महिलाओं के लिए मिसाल बनते हुए सक्रिय रहीं। पूनम सामाजिक कार्यों जैसे ड्रग्स उन्मूलन, एड्स जागृति, परिवार नियोजन व अंगदान में बहुत सक्रिय रहती हैं। वह सार्क के व्यापार सम्मेलनों (काठमांडू व नई दिल्ली) में प्रमुख वक्ता रही हैं और उन्हें सार्क का सांस्कृतिक दूत भी नियुक्त किया गया था। वह माइंडमाइन इवेंट में भी स्पीकर रही हैं। वह 2012 के ‘सेव एंड एमपॉवर द गर्ल चाइल्ड’ का भी हिस्सा रहीं।
पूनम ने 2014 में उद्योगपति अनिल मुरारका व कोरियोग्राफर समीर तन्ना के साथ फिल्म प्रोडक्शन कम्पनी ‘पोएटिक जस्टिस इल्म्स एंड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ लांच की। पूनम को 2017 में फिल्म सर्टिफिकेशन अपीलेट ट्रिब्यूनल का सदस्य नियुक्त किया गया। पूनम राजनीति में भी सक्रिय हैं और 2019 में वह भाजपा की मुंबई इकाई की उपाध्यक्ष नियुक्त की गईं। लेकिन पूनम की आज भी पहचान ‘नूरी’ व ‘सोनी’ के रूप में ही अधिक की जाती है, जबकि अपनी वैनिटी बिज़नेस के कारण वह कामयाब बिज़नेस वुमन हैं। -इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर




