ई-20 ग्रीन फ्यूल्स में कृषि वाली यूरिया के औद्योगिक इस्तेमाल का मामला, केस दर्ज

डबवाली, 9 जुलाई (इकबाल सिंह शांत)- गांव पन्नीवाला रुलदू स्थित ई-20 ग्रीन फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड में खेती के लिए इस्तेमाल होने वाली यूरिया के कथित औद्योगिक उपयोग का मामला सामने आया है। कृषि विभाग की जांच के बाद सदर थाना पुलिस ने फैक्ट्री प्रबंधन और दिल्ली की सप्लायर फर्म शुभम इंटरनेशनल के खिलाफ धोखाधड़ी, आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) के तहत मामला दर्ज किया है।

जांच टीम ने फैक्ट्री के स्टोर रूम से कुल 763 बोरी यूरिया बरामद की। इनमें इंडियन पोटाश लिमिटेड के 'एग्रीकल्चर ग्रेड' के 6 पीले बैग मिले, जबकि बाकी 757 बैग भी संदेह के दायरे में हैं। विभाग के अनुसार इन बैगों पर बैच नंबर, निर्माण तिथि और निर्माता कंपनी जैसी अनिवार्य जानकारी दर्ज नहीं थी। संदिग्ध खाद के 10 नमूने जांच के लिए भी लिए गए हैं।

एफआईआर के मुताबिक, खरीद आदेश में सामान का नाम 'ऑर्गेनिक कंपोस्ट' दर्ज किया गया था, जबकि सप्लायर के बिलों में उसी सामग्री को 'टेक्निकल ग्रेड यूरिया' बताया गया। जांच के दौरान अधिकारियों को बैगों से नीम की गंध भी महसूस हुई, जिससे संदेह और गहरा गया। सरकार कृषि उपयोग वाली यूरिया की पहचान के लिए उस पर नीम तेल की कोटिंग करती है।

यह मामला भारतीय किसान एकता के प्रदेश अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख की शिकायत के बाद सामने आया। कृषि अधिकारियों के अनुसार, पुलिस की मौजूदगी में छापेमारी कर पूरे स्टॉक को बाहर निकलवाकर सील कर दिया गया। सदर थाना प्रभारी अनिल कुमार ने मामले में एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है।

वहीं, ई-20 ग्रीन फ्यूल्स के सीईओ हैरी ग्रोवर ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि फैक्ट्री का पूरा संचालन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाता है।

 
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