सीबीआई ने दाखिल की चार्जशीट, 636 पन्नों में बंद त्विषा शर्मा की हत्या या आत्महत्या का राज

भोपाल, 17 अगस्त - भोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में जांच एजेंसी की कार्रवाई के बाद न्यायिक प्रक्रिया अगले चरण में पहुंच गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भोपाल जिला अदालत के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शोभना भलावे की अदालत में में 636 पन्नों का चालान पेश कर दिया है। मामले में रिटायर्ड जिला न्यायाधीश गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को आरोपी बनाया गया है। चालान में दर्ज तथ्यों और जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों व साक्ष्यों का अदालत अध्ययन कर रही है। वहीं, दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने भी चालान की प्रतियां और उसमें शामिल साक्ष्यों का परीक्षण शुरू कर दिया है। अब इन्हीं तथ्यों के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय होगी।

मामले की शुरुआत 12 मई को हुई थी, जब त्विषा शर्मा की लाश फंदे पर मिली थी। घटना के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठे और पुलिस ने जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर मामला आगे बढ़ा। बाद में जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को मिली। सीबीआई ने मामले से जुड़े लोगों के बयान दर्ज करने के साथ दस्तावेजी और अन्य साक्ष्य जुटाए और उनकी कड़ियों को जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाई।
 

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