CAPF अफसरों का कैडर रिव्यू प्रपोजल: गृह मंत्रालय ने DoPT में भेजा, गृह सचिव ने सुप्रीम कोर्ट में दिया शपथ पत्र

नई दिल्ली, 17 अगस्त - केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीएपीएफ अफसरों का कैडर रिव्यू प्रपोजल, डीओपीटी के पास भेज दिया है। सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी, सीआईएसएफ और आईटीबीपी की तरफ से गृह मंत्रालय को मई और जुलाई के बीच कैडर रिव्यू प्रपोजल प्राप्त हुआ था। 27 जुलाई से 3 अगस्त तक सभी बलों का प्रपोजल डीओपीटी को भेजा गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय में सुप्रीम कोर्ट के 23 मई 2025 के फैसले के अनुसार, कैडर का संतुलित ढांचा सुनिश्चित करने के लिए सीएपीएफ में डेपुटेशन के मुद्दे की जांच की गई है। इसमें कानूनी एवं नीतिगत पहलुओं, जैसे कि कानूनी जरूरतों और डीओपीटी की गाइडलाइंस के साथ तालमेल बिठाने की जटिलताओं व प्रक्रियाओं पर विस्तार से विचार किया गया। 

पदोन्नति में पिछड़ रहे केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के कैडर अफसरों को 23 मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी जीत हासिल हुई थी। तय अवधि में जब इस आदेश का पालन नहीं हुआ तो कैडर अधिकारियों ने दिसंबर 2025 में केंद्रीय गृह सचिव के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल कर दी। सुप्रीम कोर्ट में 28 जुलाई को इस मामले से जुड़ी छह अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई हुई। जस्टिस उज्जल भुइयां और अतुल एस चंदुरकर की पीठ ने इस केस में सख्त रुख अपनाते हुए गृह मंत्रालय और डीओपीटी के सचिव को तीन सप्ताह में शपथ पत्र देने के लिए कहा था। सर्वोच्च अदालत ने यह भी कहा कि 23 मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला सुनाया था, उसे लागू करने की प्रक्रिया कहां तक पहुंची है। उसकी प्रगति रिपोर्ट को लेकर शपथ पत्र दिया जाए। इसमें यह बात भी शामिल रहे कि 23 मई 2025 के बाद से लेकर अब तक लगभग चार दर्जन आईपीएस 'एसएजी' (वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड) लेवल पर बतौर प्रतिनियुक्ति केंद्रीय बलों में कैसे आ गए। इस मामले की अगली सुनवाई दो सितंबर को होनी है।

 
#CAPF
# गृह मंत्रालय
# सुप्रीम कोर्ट