एआई कर रहा है पर्यटन का पुनर्निर्माण
आज विश्व पर्यटन दिवस पर विशेष
कुछ दिनों से मेरी दिलचस्पी विंटर स्पोर्ट्स में बढ़ती जा रही है। मुझे यह समझ नहीं आ रहा था कि अपना शौक पूरा करने के लिए मैं कहां जाऊं। जाड़े भी अब जल्द ही आने वाले हैं। इसलिए मैंने अपनी एक परिचित ट्रेवल एजेंसी को फोन मिलाया। मुझे यह जानकर आश्चर्य हुआ कि मेरा फोन ट्रेवल एजेंट की बजाय वर्चुअल असिस्टेंट ने उठाया और मुझे उसी से ही बातें करनी पड़ीं। मेरा मुद्दा समझने के बाद उसने मुझे सुझाव दिया, ‘आपके लिए फूलों की वादी यानी गुलमर्ग, जम्मू कश्मीर के ज़िला बारामुला में अति सुंदर हिल स्टेशन बेहतर रहेगा। यह विख्यात पर्यटक व स्कीइंग डेस्टिनेशन है। गुलमर्ग में जाड़ों में ज़बरदस्त बर्फबारी होती है। इसी वजह से वहां विंटर गेम्स का आयोजन किया जाता है। गुलमर्ग एशिया के टॉप 10 स्कीइंग डेस्टिनेशन में शामिल है। अफर्वत पहाड़ी की ढलान पर स्कीइंग के अतिरिक्त अन्य विंटर स्पोर्ट्स के लिए लोग जाते हैं। गुलमर्ग में विश्व का सबसे बड़ा इग्लू कैफे भी है और फरवरी 2023 में ग्लास इग्लू रेस्टोरेंट का भी निर्माण किया गया।’
मेरी इस बातचीत का निष्कर्ष यह निकला कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) या कृतिम बुद्धिमत्ता अब जीवन के लगभग हर क्षेत्र को प्रभावित करने लगी है। इसलिए यह आश्चर्य नहीं है कि साल 2026 के लिए विश्व पर्यटन दिवस का आधिकारिक थीम या विषय भी एआई से ही संबंधित व उस पर केंद्रित है- डिजिटल एजेंडा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से पर्यटन का पुनर्निर्माण। यह दिवस प्रति वर्ष 27 सितम्बर को मनाया जाता है (और इसी तारीख पर मनाये जाने के कारण के लिए बॉक्स देखें)। इस थीम से, संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, लाभ यह होगा कि ये मालूम हो जायेगा कि कैसे एआई निर्णय लेने की क्षमता, कौशल और पर्यटनस्थलों के प्रबंधन को बेहतर बनाकर यात्रा को अधिक स्मार्ट, समावेशी और टिकाऊ बना सकता है।
दरअसल, एआई विज्ञान फिक्शन से अब वैश्विक यात्रा उद्योग के दिल में प्रवेश कर गया है। एक व्यक्ति जिस समय यात्रा की कल्पना करता है और जिस समय वह वापस घर लौटता है, एआई टूल्स उसको हर कदम पर दिशा प्रदान करते हैं। एआई निश्चितरूप से कामकाज में तेज़ी व ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने में अविश्वसनीय परिवर्तन लेकर आया है। लेकिन इससे डाटा प्राइवेसी व जॉब्स को लेकर नई चुनौतियां भी उत्पन्न हो गई हैं। बहरहाल, इसमें कोई दो राय नहीं हैं कि एआई का सबसे बड़ा प्रभाव यात्रा की योजना बनाने में दिखायी दे रहा है। एआई आधारित एप और चैटबाट पर्यटकों को उनकी पसंद, समय और बजट के अनुसार यात्रा कार्यक्रम बनाने में मदद कर रहे हैं। दूसरे शब्दों में अगर कोई व्यक्ति किसी शहर में कुछ दिनों के लिए घूमने जा रहा है, तो एआई उसके लिए देखने योग्य स्थानों, भोजन और यात्रा के साधनों से संबंधित सुझाव दे रहा है।
साथ ही एआई ने होटल व परिवहन सेवाओं को भी अधिक सुविधाजनक बनाया है। एआई की मदद से पर्यटक अपनी ज़रुरत के अनुसार होटल व अन्य सेवाओं की तुलना कर सकते हैं। आजकल अनेक कम्पनियां एआई आधारित चैटबाट का इस्तेमाल कर रही हैं, जो यात्रियों के सामान्य प्रश्नों का तुरंत उत्तर देते हैं। इससे समय की बचत होती है और पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्राप्त हो सकता है। लेकिन मुझे सबसे अधिक फायदा एआई से भाषा के संदर्भ में हुआ है। संसार में जहां अनगिनत दिलकश पर्यटकस्थल हैं, वहीं भाषाओं की भी कमी नहीं है। ज़ाहिर है मुझे गिनती की ही भाषाएं आती हैं, जिसकी वजह से मैं पहले बहुत जगहों की स्थानीय संस्कृति को समझ नहीं पाता था, भाषा न जानने की वजह से। इस समस्या का समाधान एआई ने कर दिया है। अनुवाद करने वाले एआई टूल्स अलग-अलग भाषाएं समझने और उनका अनुवाद करने में मदद करते हैं। इससे विदेशी पर्यटकों के लिए किसी नये देश में स्थानीय लोगों से बातचीत करना और ज़रूरी जानकारी हासिल करना आसान हो गया है।
एआई पर्यटनस्थलों के प्रचार और प्रबंधन में भी उपयोगी है। पर्यटन कम्पनियां पर्यटकों की पसंद और यात्रा का विश्लेषण करके बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास करती हैं। पर्यटनस्थलों पर भीड़ का अनुमान लगाने और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करने में तकनीकी सहायता कर सकती है। वैसे इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि एआई की वजह से कुछ समस्याएं भी उत्पन्न हो गई हैं। एआई पर अत्यधिक निर्भरता के कारण पर्यटन उद्योग में बहुत सी पारम्परिक नौकरियों पर विराम लग गया है। फिर यह भी ज़रूरी नहीं है कि एआई द्वारा उपलब्ध जानकारी हमेशा सही ही हो। गलत जानकारी एक पर्यटक के लिए बहुत बड़ी मुसीबत भी खड़ी कर सकती है। इसके अतिरिक्त व्यक्तिगत जानकारी व डाटा की सुरक्षा भी एक चिंताजनक विषय है। कुछ समय पहले एक परिवार घूमने के लिए विदेश गया। एआई के ज़रिये चोरों को उनकी अनुपस्थिति के बारे में मालूम हो गया। चोर उनके घर में प्रवेश कर गये और यह परिवार विदेश में बैठा हुआ सीसीटीवी से जुड़े अपने मोबाइल पर अपने घर में चोरी होते देखता रहा। हालांकि बाद में सीसीटीवी फुटेज की मदद से ही चोर पकड़े गये, काफी सामान बरामद भी कर लिया गया, लेकिन अगर चोर घर में घुसते ही सीसीटीवी को बंद कर देते? यह घटना नोएडा की है।
इस किस्म की घटनाओं के बावजूद एआई पर्यटन को अधिक सुविधाजनक, तेज़, सुरक्षित और व्यक्तिगत बनाने की क्षमता रखती है। अगर एआई का उपयोग मानव अनुभव और स्थानीय पर्यटन सेवाओं के साथ संतुलित रूप से किया जाये, तो यह पर्यटन उद्योग के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आने वाले समय में एआई व पर्यटन का संबंध और भी मज़बूत होने की प्रबल संभावना है।
-इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर
27 सितम्बर को ही क्यों मनाया जाता है विश्व पर्यटन दिवस
अब यह तो हर कोई जानता है कि विश्व पर्यटन दिवस हर साल 27 सितम्बर को ही मनाया जाता है। सवाल यह है कि इसी तिथि का चयन क्यों किया गया? दरअसल, 27 सितम्बर 1970 को यूएन टूरिज्म (जिसे पहले संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन- यूएनडब्लूटीओ कहते थे) के नियमों को अपनाया गया था यानी यह तारीख इस ऐतिहासिक मील के पत्थर की वर्षगांठ है। लेकिन संयुक्त राष्ट्र ने इस तिथि को आधिकारिक तौर पर मंज़ूरी 1979 की स्पेन में हुई बैठक के दौरान दी और पहला आधिकारिक विश्व पर्यटन दिवस 1980 में मनाया गया। सितम्बर के अंत की तारीख का चयन इसलिए भी किया गया; क्योंकि इस समय यात्रा में प्राकृतिक मोड़ आता है। उत्तरी गोलार्द्ध में पर्यटन सत्र के चरम का अंत होता है और दक्षिणी गोलार्द्ध में पर्यटन का आरंभ होता है। विश्व पर्यटन दिवस का उद्देश्य दुनियाभर में पर्यटन के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक व आर्थिक मूल्य के प्रति जागृति उत्पन्न करना है।





