एशियाई खेलों में हरियाणा के खिलाड़ी फिर चमके

हरियाणा के खिलाड़ियों ने 2026 के एशियाई खेलों में एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश व देश में नाम रौशन किया है। देश भर के खिलाड़ियों द्वारा जीते गए कुल 85 पदकों में से 32 पदक जीतने में हरियाणा के खिलाड़ियाें का योगदान रहा है। इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा कुल 21 स्वर्ण पदक जीते गए और इनमें से 14 स्वर्ण पदकों की जीत में हरियाणा के खिलाड़ियों की प्रमुख भूमिका रही। हरियाणा के पांच खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत मुकाबलों में और 9 खिलाड़ियों ने टीम मुकाबलों में स्वर्ण पदक हासिल किए। हरियाणा की 2 महिला खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत मुकाबलों में स्वर्ण पदक हासिल किए, जबकि 6 महिला खिलाड़ियों ने टीम मुकाबलों में स्वर्ण पदक जीत कर देश का गौरव बढ़ाया। स्वर्ण पदकों के साथ-साथ 4 खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत मुकाबलों में और 5 खिलाड़ियाें ने टीम मुकाबलों में रजत पदक हासिल किए। इसके अलावा 8 खिलाड़ियाें ने व्यक्तिगत मुकाबलों में और एक टीम मुकाबले में हरियाणा के खिलाड़ियों ने कांस्य पदक हासिल करने में अपना योगदान दिया। 
राज्य छोटा, प्रदर्शन बड़ा
जनसंख्या व क्षेत्रफल के लिहाज से बेहद छोटा राज्य होने के बावजूद हरियाणा के खिलाड़ियों का एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन देश के बड़े-बड़े राज्यों के मुकाबले कहीं बेहतर है। हरियाणा के खिलाड़ी जैसे ही एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करने के बाद भारत लौटे तो हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम ने खुद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंच कर प्रदेश के खिलाड़ियों का जोरदार अभिनंदन किया और उन्हें फूल मालाएं पहना स्वागत किया गया। पिछले कुछ दशकों से खेलों के मामले में हरियाणा के खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा है। हरियाणा की पहचान जहां पहले कृषक प्रदेश व सेना में प्रदेश के महत्वपूर्ण योगदान को लेकर होती थी, वहीं अब हरियाणा की पहचान खेल व खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन के कारण भी होने लगी है। हरियाणा सरकार जल्द ही राज्य स्तरीय समारोह आयोजित कर इन खिलाड़ियों को नगद पुरस्कारों से सम्मानित करेगी।
विदेशी निवेश को बढ़ावा
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हरियाणा में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए अभी सिंगापुर दौरे से वापस लौटे हैं। मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के उद्योग मंत्री राव नरवीर सिंह के अलावा आला अधिकारी भी प्रतिनिधि मंडल में शामिल थे। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर दौरे से लौटने के बाद दावा किया कि उनके सिंगापुर दौरे के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और सिंगापुर से हरियाणा में निवेश के लिए 5500 करोड़ रुपए के प्रस्ताव मिले हैं और इस बारे में विभिन्न कम्पनियों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर सहमति व्यक्त की गई है। उन्होंने कहा कि इन निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ-साथ आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं, जल प्रबंधन, शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों को गति मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री का कहना है कि विश्वस्तरीय निवेशकों की हरियाणा के प्रति बढ़ती रुचि यह दर्शाती है कि प्रदेश आज निवेश, नवाचार और उद्योग के लिए एक भरोसेमंद एवं आकर्षक मंजिल के रूप में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में निवेश बढ़ने से प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य में और तेजी से विकास होगा। मुख्यमंत्री के साथ गए अधिकारियों का दावा है कि नायब सिंह सैनी के सिंगापुर दौरे के दौरान करीब 3000 करोड़ रुपए के हैल्थ एवं वेलनेस सेक्टर के प्रस्तावों पर सहमति बनी। प्रस्तावित निवेश से हरियाणा में अति आधुनिक अस्पतालों, स्वास्थ्य सेवा केंद्रों, वेलनेस सुविधाओं, चिकित्सा अनुसंधान और स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के विस्तार को बल मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सिंगापुर की उन्नत जल प्रबंधन तकनीकों को देखते हुए जल उपचार व प्रबंधन क्षेत्र में भी हरियाणा के प्रति निवेशकों ने विशेष रुचि दिखाई और इस क्षेत्र में करीब 1500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी है। उन्होंने बताया कि शिक्षा एवं कौशल विकास में 1000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों पर भी सहमति बनी है।
जुरोंग की तर्ज पर आईएमटी
मुख्यमंत्री का कहना है कि हरियाणा की राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से निकटता, मजबूत सड़क व रेल सम्पर्क, विकसित औद्योगिक  आधार, कुशल मानव संसाधन और देश के प्रमुख औद्योगिक एवं ऑटोमोबाइल केंद्रों में शामिल होना प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर स्थित विश्व प्रसिद्ध शहरी विकास एवं अवसंरचना सुरबाना जुरोंग का भी दौरा किया। इस दौरे का मुख्य मकसद हरियाणा में विकसित की जा रही नई औद्योगिक मॉडल टाऊनशिप के लिए आधुनिक एवं एकीकृत और भविष्योन्मुखी व्यवस्थाओं को समझना व उनका अध्ययन करना था। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने अलग-अलग व्यावसायिक इकाइयों को एक ही स्थान पर एक साथ विकसित करने की संचालन प्रक्रिया का अध्ययन किया। उन्होंने वाटर ट्रीटमेंट से लेकर सुव्यवस्थित व्यापक प्रबंधन तक की तमाम बारीकियों को विस्तार से समझा और सुविधाजनक व बेहतर कार्य व वातावरण तैयार करने संबंधी व्यवस्था की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने सुरबाना जुरोंग के विशेषज्ञों के साथ चर्चा के दौरान भविष्य के शहरों को विकसित करने तथा आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ सुदृढ़ व्यवस्था बनाने की प्रक्रिया को नजदीक से देखा। उन्हाेंने इस बात पर भी जोर दिया कि हरियाणा में प्रस्तावित औद्योगिक मॉडल टाऊनशिप को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिससे ना सिर्फ उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए भी रोजगार के बेहतर अवसर सृजित होंगे। 
उद्योगाें को अनुकूल माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में उद्योगाें के लिए सकारात्मक और निवेशक अनुकूल माहौल तैयार करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उनके सिंगापुर दौरे का लक्ष्य भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक सुविधाओं से युक्त शहरों व औद्योगिक क्षेत्रों का विकास करना है। मुख्यमंत्री के साथ सिंगापुर बिजनेस फोर्म के तहत राउंड टेबल कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सिंगापुर की प्रमुख कम्पनियों के प्रतिनिधियों, उद्योगों से संबंधित अधिकारियों, निवेशकों और बिजनेस लीडर्स ने निवेश के संबंध में व्यापक चर्चा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हरियाणा का लक्ष्य सिंगापुर कम्पनियों के सहयोग से सेमी कंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, वेयर हाऊसिंग व आधारभूत ढांचे के क्षेत्रों में निवेश को बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम के अलावा पंचकूला, करनाल, हिसार, सोनीपत, रोहतक जैसे शहरों को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर व टेक्नोलॉजी लेड बिजनेस के अगले विकास केंद्रों के रूप में विकसित करना हमारा उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि यहां कम्पनियों को प्रतिस्पर्धी लागत, कुशल प्रतिभा व बेहतर जीवन गुणवत्ता का लाभ मिलेगा और हरियाणा के कई स्थानों और उत्तर भारत के विशाल टेलेंट पूल तक सीधी पहुंच प्रदान करता है। वैसे भी हरियाणा अब तक कारों, दोपहिया वाहनों और ट्रैक्टर निर्माण के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान रखता है। हरियाणा में पहले भी सैंकड़ों विदेशी कम्पनियां अपना निवेश कर चुकी हैं और प्रदेश सरकार राज्य में निवेश बढ़ाने को लेकर निरंतर प्रयत्नशील है। मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे का आने वाले समय में प्रदेश की अर्थ व्यवस्था पर कितना असर पड़ेगा और कितना नया निवेश आएगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। फिलहाल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व प्रदेश के उद्योग मंत्री राव नरवीर सिंह सिंगापुर दौरे को लेकर काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।
 

-मो. 9855465946
Email- ramsinghbrar@gmail.com

#एशियाई खेलों में हरियाणा के खिलाड़ी फिर चमके