सोशल मीडिया पर किसी उम्मीदवार बारे सर्वेक्षण करने वालों के खिलाफ मुकद्दमे दर्ज करवाए जाएंगे


लुधियाना, 18 अप्रैल (पुनीत बावा) : पंजाब में सोशल मीडिया पर किसी भी उम्मीदवार को जीताने या हराने बारे सर्वेक्षण करने वालों के खिलाफ चुनाव आयोग ने सख्ती कर दी है। सर्वेक्षण या सर्वे करने वाले व्यक्ति के खिलाफ हर ज़िले के चुनाव अधिकारी को मुकद्दमा करवाने के लिए कहा गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार लोकसभा चुनावों में बड़ी संख्या में वैब चैनल बन गए हैं और सोशल मीडिया के विभिन्न साधनों द्वारा कुछ व्यक्ति किसी व्यक्ति विशेष या किसी खास पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में फर्जी सर्वेक्षण डालकर वोटरों को प्रभावित कर रहे हैं। जिन संबंधी चुनाव आयोग के पास कई शिकायतें पहुंची हैं, जिसके बाद चुनाव आयोग ने मामले को गहराई से लेते हुए प्रत्येक ज़िला चुनाव अधिकारी को हिदायत दी है कि वह अपने ज़िले में चुनाव कार्यालय से मान्यता प्राप्त किसी भी वैब चैनल या सोशल मीडिया पर कोई भी सर्वेक्षण डालने वाले व्यक्ति विशेष या संस्था को नोटिस निकाल कर 24 घंटे के भीतर जवाब मांगे, अगर नोटिस का जवाब तसल्लीबख्श न हुआ, तो उस व्यक्ति के खिलाफ मुकद्दमे दर्ज करवाया जाएगा। चुनाव आयोग ने अनधिकृत तरीके से फेसबुक पेज या सोशल मीडिया के अन्य साधनों पर वोटिंग भी न करवाने की बात कही। भारतीय चुनाव आयोग द्वारा आदर्श चुनाव आचार संहिता की उल्लंघना को रोकने/पहचान करने पर चुनाव खर्च रद्द की निगरानी करने के लिए भारतीय नागरिक की सहायता के लिए सी-विज़ल एप लांच किया गया है। सी-विज़ल एप आदर्श चुनाव आचार संहिता के तथ्य आधारित सबूत/खर्च रद्द की उल्लंघना, लाईव फोटो की सुविधा/आटो लोकेशन डाटा सहित वीडियो की सुविधा प्रदान करती है और आम नागरिक इस एप पर फोटो अपलोड करके आदर्श चुनाव आचार संहिता की उल्लंघना को रोकने में अपना सहयोग दे सकता है। एप पर शिकायत प्राप्त होने के 20 मिनट में शिकायत रजिस्टड की जाएगी और 100 मिनट के भीतर टीम मौके पर पहुंच कर अपनी कार्रवाई करेगी।