रिश्तों में विश्वास के महत्त्व को दर्शाती है फिल्म ‘लाइये जे यारियां’


जालन्धर,  5 जून (हरविंदर सिंह फुल्ल) : फिल्म इंडस्ट्री में पंजाबी सिनेमा दिनों-दिन तरक्की कर रहा है। यह दृश्य आज उस समय देखने को मिला जब ईद के त्यौहार मौके सलमान खान की रिलीज हुई हिंदी फिल्म के साथ अमरिंदर गिल की रिलीज हुई पंजाबी फिल्म ‘लाइये जे यारियां’ में भीड़ अधिक देखने को मिली। रिदम ब्यॉयज के बैनर तले तैयार निर्माता कारज गिल इस फिल्म में दिखाया गया है कि सच्चे प्यार के रिश्तों में झूठ के लिए कोई स्थान नहीं होता। जालन्धर के अमृतसर रोड के पड़ते सरब मल्टीप्लैक्स में प्रदर्शित यह फिल्म कनाडा रहते दो जमींदार ट्रांसपोर्टर परिवारों की है। जिनके बुजुर्गों में किसी बात को लेकर पैदा हुए अविश्वास  उनके बच्चों की जिंदगी और व्यापार को कैसे प्रभावित करता है। रौणक (रूपी गिल) रौणक ट्रांसपोर्टर की मालिक सरूदल ट्रांसपोर्टर के मालिक गैरी रंधावा (अमरिंदर गिल) को नीचे लाने के चक्कर में पंजाब से सुखदीप (हरीश वर्मा) को कनाडा बुलाती है। कनाडा पहुंच कर सुख को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, वह रौणक के ट्रांसपोर्टर के कारोबार को आगे बढ़ाने में सफल होता है या नहीं। रूबीना वाजवा जसप्रीत उर्फ जानू सुख की ज़िंदगी में क्या प्रभाव डालती है। पंजाब में बैठा बिंदर बाहर जाने के ख्वाब देखता हुआ सुख का कोई भला करता है जा नहीं यह तो फिल्म देखने पर ही पता चलता है। फिल्म में विदेश में रहते हुए भी बच्चों का अभिभावकों के प्रति प्रेम और पंजाबी मां खेल कबड्डी का मोह दर्शकों को प्रभावित करता है। लेखक धीरज रत्न और अंबरदीप सिंह की जज्बात भरी इस कहानी को निर्देशक सुख संघेड़ा ने बहुत खूबसूरत ढंग से पर्दे पर पेश कर पात्रों में जान डाल दी है।  फिल्म की शूटिंग अधिकतर कनाडा में ही की गई है।