जलियांवाला बाग नरसंहार संबंधी प्रदर्शनी लगाई


अमृतसर, 10 जुलाई (गगनदीप शर्मा) : दी आर्ट्स एंड कल्चरल हैरीटेज ट्रस्ट (टी.ए.ए.सी.एच.टी.) और पंजाब सरकार द्वारा सांझे तौर पर स्थानीय टाऊन हाल की इमारत  इतिहास में जलियांवाला बाग का बयान करती नरसंहार से संबंधित दुर्लभ तस्वीरों, दस्तावेज़ों और यादगारी वस्तुओं की प्रदर्शनी आज से शुरू की गई, जो 31 जुलाई तक जारी रहेगी। टाऊन हाल और गैलरियों में लगाई गई इस अस्थाई प्रदर्शनी में उस समय का हाल बयां करती कैमरा  तस्वीरें, अखबारों की खबरें और अंग्रेजी पुलिस द्वारा क्रांतिकारियों विरुद्ध दर्ज की एफ.आई.आर. रखी गई हैं। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन मेयर अमृतसर स. करमजीत सिंह रिंटू द्वारा किया गया। इस मौके पर पी.एच.टी.पी.बी. अमृतसर के प्रोजैक्ट मैनेजर ए.आर. मिश्रा, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर हिमांशू अग्रवाल और पार्टीशन म्यूज़ियम के मैनेजर बीबी राजविंदर कौर सहित अन्य अधिकारी भी हाजिर थे। इस मौके संबोधित करते मेयर करमजीत सिंह रिंटू ने कहा कि जलियांवाला बाग नरसंहार अपने आप में देश की आज़ादी की नींव थी। उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग के कत्लेआम का प्रचार करना बेहद ज़रूरी है ताकि तत्कालीन बर्तानिया सरकार के जुल्मों की सच्चाई से हर किसी को प्रमाणिक जानकारी मिल सके। बीबी राजविंदर कौर ने बताया कि उक्त अजायब घर की इमारत (टाऊन हाल) में सन 1919 के नरसंहार के समय कोतवाली होती थी और यहां बहुत सारे आज़ादी स्वतंत्रता सेनानियों और निर्दोष भारतीयों पर अत्याचार किए गए। जिस बारे जानकारी देने के लिए यहां बकायदा जेल कोठरियों और कौड़ों की सज़ा देने के लिए तैयार करवाए गए लकड़ी के ढांचे भी प्रदर्शनी में शामिल किए गए हैं। उन्होंने अमृतसर के बाद जलियांबाला बाग नरसंहार को समर्पित यह प्रदर्शनी जालन्धर, पटियाला, बठिंडा, मोहाली व लुधियाना शहर में भी लगाए जाने का ऐलान किया।